बीकानेर/नई दिल्ली. बीकानेर केन्द्रीय कारागृह के फरार हुए कैदी अनिल सोनी उर्फ इकबाल उर्फ श्यामसुन्दर उर्फ दरगाहवाला को दिल्ली के संगम विहार एरिया में
गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस को उससे 9 एमएम की पिस्तौल व तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। चालानी गार्ड के चार पुलिसकर्मी जाली नोट के मामले में सजायाफ्ता कैदी अनिल सोनी को एक अन्य मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेशी पर ले गए थे। दिल्ली से वापस लौटते समय अनिल फरार हो गया था।
दक्षिण दिल्ली के डीसीपी राजीव शुक्ला के मुताबिक अनिल के संगम विहार एरिया में होने की जानकारी मिली थी। एक खास टीम को उसके सर्विलांस पर लगा दिया गया। बाद में यह पुख्ता हो गया कि 22 अक्टूबर की रात को वह महरोली-बदरपुर रोड पर काया-माया अस्पताल में आने वाला है। पुलिस ने अस्पताल परिसर को घेर लिया और शाम करीब 7 बजे जैसे ही अनिल अस्पताल में आया, पुलिस ने उसे धर-दबोचा।
पूछताछ में अनिल ने बताया है कि अवध-आसाम रेलगाड़ी से बीकानेर लौटते समय भटिंडा के पास वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। फरार होने के बाद वह मैरठ गया और पस्तौल, कारतूस व रुपयों का इन्तजाम कर दिल्ली पहुंच गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बीकानेर के एसपी अशोक राठौड़ ने बताया कि फरार कैदी के खिलाफ जामसर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज है। कैदी अनिल को बीकानेर लाने के लिए न्यायालय से प्रोडेक्शन वारंट लेकर जामसर एसएचओ भूराराम खिलेरी के नेतृžव में टीम को दिल्ली भेजा गया है।
1994 से दाऊद गिरोह में है अनिल
अनिल उर्फ इकबाल मूलत बनारस का रहने वाला है। वह मुंबई में वर्ष 1994 में कस्टम इंस्पेक्टर संतोष पटोल की हत्या कर दाऊद गिरोह में शामिल हुआ था। 1996 में जेल में रहते हुए ही उसने कुछ बड़े सिने सितारों को धमकियां भी दीं। 1997 में यह कुख्यात बदमाश जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया।
डीसीपी शुक्ला के मुताबिक 1999 में मुंबई पुलिस का दबाव बढ़ने पर अनिल दिल्ली भाग आया। यहां वह आफताब बटकी के इशारे पर उद्योगपतियों को डरा कर जबरन वसूली व नकली नोटों का गोरखधंधा करता था। दरियागंज पुलिस स्टेशरन में इसके खिलाफ जाली नोट व लोधी कालोनी में धमकी देने का मामला दर्ज है। जयपुर पुलिस ने अनिल सोनी को 35 लाख के जाली नोट समेत गिरफ्तार किया था। इस मामले में अदालत उसे 10 साल की सजा भी सुना चुकी है।