नई दिल्ली. गैर बासमती चावल के निर्यात पर रोक से हरियाणा और पंजाब में उठे भारी विरोध के बाद सरकार ने रोक कुछ किस्मों तक सीमित रखने के प्रस्ताव पर विचार शुरू कर दिया है। गुरुवार तक कैबिनेट (सीसीईए) की बैठक में सरकार के इस बारे में कोई फैसला लेने की संभावना है।
वाणिज्य मंत्रालय ने कैबिनेट सचिवालय को एक नोट बनाकर भेजा है, जिसमें ज्यादातर किस्मों से रोक हटाने का प्रस्ताव रखा गया है। वाणिज्य मंत्रालय यह रोक कुछ किस्मों तक ही सीमित रखना चाहता है, ताकि घरेलू आपूर्ति में बाधा नहीं पड़े और किसानों को भी निर्यात की अच्छी कीमतें मिल सकें।
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति के लिए तैयार किए गए नोट में मंत्रालय ने 400 डॉलर प्रति टन या इससे ज्यादा कीमतों वाले चावलों के निर्यात की अनुमति देने को कहा है। सरकार चावल का बफर स्टाक तैयार करने के इरादे से 9 अक्टूबर को गैर बासमती चावल के निर्यात पर रोक लगाई थी।
केंद्रीय नेताओं से मिले हुड्डा
राजधानी हरियाणा.
पूसा धान 1121 के निर्यात पर रोक लगाए जाने के मुददे पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुडडा ने आज केंद्रीय नेताओं के साथ मीटिंग की। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के नई दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस मीटिंग में वाणिज्य मंत्री कमलनाथ,इन दोनों विभागों के अफसर और हरियाणा सरकार के अफसर भी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में हुडडा ने केंद्रीय नेताओं को साफ कह दिया कि पूसा-1121 पर निर्यात पर रोक से किसानों को नुकसान हो रहा है,लिहाजा इसे जल्दी से हटाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब पहले इस किस्म के निर्यात पर रोक नहीं थी तो अब इसे रोकना वाजिब नहीं है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेताओं ने भी हुडडा के कहे से सहमति जताते हुए किसानों को आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए उपाय किए जाने का आश्वासन दिया है।
>> मैने मीटिंग में किसानों का पक्ष विस्तार से रखा। शरद पवार और कमलनाथ को किसानों को आ रही दिक्कतों के बारे में बताया,तर्क वितर्क भी हुए। मेरे विचार से जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
भूपेंद्र हुडडा,मुख्यमंत्री हरियाणा
किसानों का विरोध जारी
झज्जर/कुरुक्षेत्र/सोनीपत/यमुनानगर.
गैर बासमती धान के निर्यात पर रोक लगाने के विरोध में मंगलवार को कई जिलों में चहुंमुखी विरोध का सिलसिला जारी रहा। हालांकि मुख्यमंत्री हुड्डा इस मामले में आश्वस्त कर चुके हैं कि यह समस्या शीघ्र ही हल हो जाएगी। वे इस संबंध में प्रधानमंत्री और संबंधित मंत्रियों से बातचीत कर चुके हैं। इसके बावजूद विपक्ष और किसान संगठन इस मुद्दे को अपने पक्ष में भुनाने में लगे हैं।
झज्जर में झज्जर-रोहतक एनएच 71 पर सुबह धान उत्पादक किसानों ने गांव डीघल के चौक पर यातायात रोक कर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
शाहाबाद (कुरुक्षेत्र में) गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में भाजपा ने नई अनाज मंडी में केंद्र सरकार का पुतला फूंका। कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन के एक गुट ने प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार व कृषि मंत्री का पुतला फूंका।
दूसरे गुट के प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश अपनी टीम के साथ नई अनाजमंडी का दौरा कर व्यापारियों व आढ़तियों के साथ बैठकिया और राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। सोनीपत में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने शहर की सड़कों पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार द्वारा धान के निर्यात पर रोक लगाने का विरोध किया।
उन्होंने बस अड्डे के करीब एकत्र होकर केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार का पुतला फूंका तथा रोष प्रकट किया। यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन ने लघु सचिवालय के सामने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री कमलनाथ का पुतला फूंका। बाद में मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीटीएम को सौंपा।
आंदोलन की जड़
गैर बासमती चावल के निर्यात पर रोक के बाद पूसा, शर्बती और डुप्लीकेट बासमती की कीमतों में 200-250 रुपए क्विंटल की गिरावट आ गई।
पंजाब और हरियाणा जैसे चावल उत्पादकों को नुकसान हुआ क्योंकि निर्यातकों ने खरीदी बंद कर दी। मंडियों में आवक बढ़ने के बाद कीमतों में और गिरावट आई।
निर्यात से रोक नहीं हटी तो पूसा-1121 और सीएसआर-30 की कीमतों में और गिरावट आने का अंदेशा।
-सरकार के धान के समर्थन मूल्य पर 50 रुपए बोनस देने के बाद भी कीमतें काफी गिर गईं।
-भारत ने 2006-07 में 4, 258 करोड़ रुपए मूल्य का 37 लाख टन गैर बासमती चावल निर्यात किया था।