वाशिंगटन.अमेरिका चाहता है भारत परमाणु करार पर शीघ्र कोई फैसला ले। अमेरिका ने भारत को अधिक समय देने में समर्थता जताई है। वाशिंगटन का कहना है कि हम भारत को असीमित समय देने की स्थिति में नहीं हैं। उसने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समझौता पूरा नहीं हुआ तो भारत को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अमेरिका विदेश के उपमंत्री निकोलस बर्न्स ने विदेश संबंध परिषद की बैठक में यह टिप्पणी की। उनका कहना था कि भारतीय वामपंथी दलों द्वारा विरोध के कारण करार को अमल में लाने का समय तेजी से बीत रहा है। बर्न्स ने कहा कि हमारे पास इंतजार के लिए असीमित समय नहीं है।
अमेरिकी विदेश उपमंत्री का कहना था कि जो कुछ भारत में हो रहा है यह उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि हम उसमें हस्तक्षेप करने की स्थिति में नहीं हैं। लेकिन हमें समय का ख्याल रखना पड़ रहा है। अब यह भारत को स्पष्ट रूप से बताना पड़ेगा कि वह करार पर आगे बढ़ना चाहता है या नहीं।
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