नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने रामसेतु को तोडे बिना सेतुसमुद्रम परियोजना शुरू कराने संबंधी तथ्यों की पड़ताल के लिए केन्द्र द्वारा गठित 10 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति को भंग करने के लिए जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रहमण्यम स्वामी की याचिका पर आज सुनवाई करने से इंकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश बालकृष्णणन, न्यायमूर्ति आर वी रवींद्रन और न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की पीठ ने विशेषज्ञ समिति के गठन में यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया कि पहले समिति की रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय तय करेगा कि यह रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण है या नहीं।
केंद्र द्वारा गठित इस समिति को यह पता लगाने को गया है कि बगैर रामसेतु को नष्ट किये सेतुसमुद्रम परियोजना पूरी की जा सकती है या नहीं।
इससे पहले स्वामी ने आज इस पीठ के सम्मुख अपनी याचिका पेशकर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। अपनी याचिका में शस्वामी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष समेत समिति के तीन सदस्यों का हिंदूविरोधी दृष्टिकोण जगजाहिर हैं।