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कोयंबटूर. 1998 में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने नौ अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन विस्फोटों में 58 लोग मारे गए थे।
14 फरवरी 1998 का भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की यात्रा के दौरान उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश के मामले में जज के उथिरापति ने अब तक 31 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है जिनमें प्रतिबंधित संगठन अल-उम्मा का फाउंड एसए बाशा और इस संगठन का महासचिव मोहम्मद अंसारी भी शामिल है।
इस मामले में लगातार दूसरे दिन सजा सुनाए जाने का क्रम जारी रखते हुए अदालत ने छह दोषियों को दो-दो उम्रकैद की सजा दी और शेष तीन दोषियों को एक-एक उम्रकैद की, साथ ही अन्य आरोपों के भी सही पाए जाने पर 10 से 40 साल तक सजा भी सुनाई। इसके अलावा अदालत ने 13 दोषियों को षड़यंत्र के मामले में 13 साल और सात दोषियों को 21 साल की सजा भी सुनाई।
गौरतलब है कि इस मामले में कुल 70 दोषी पाए गए थे जिनमें से 35 को कल सजा सुनाई गई थी और शेष पांच दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।