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मुंबई. गुजरात में कुछ साल पहले हुए गोधरा कांड के पीछे के सच के खुलासे में एक बार फिर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस बार आरोप है कि दंगों में विहिप, बजरंग दल जैसे हिंदूवादी संगठनों ने हिंसा फैलाई और मोदी ने उनका भरपूर साथ दिया।
एक निजी टीवी समाचार चैनल ने गोधरा दंगों का सच सामने लाते हुए एक विशेष कार्यक्रम में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिग/टेप के आधार पर कहा कि इन दंगों को भड़काने के लिए अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए बम विश्व हिंदू परिषद के नेता ने बनाए थे। धवल पटेल नाम के इस नेता का इकबालिया बयान टेप में दिखाया गया है।
इसके साथ ही गुजरात के भाजपा विधायक हरेश भट्ट को भी बम निर्माण के काम में सहयोग करने का जिम्मेदार बताया गया है। धवल पटेल ने माना है चूंकि खदान के ठेकेदार हैं इसलिए उस वक्त उन्हें डायनामाइट, देसी बम और अन्य विस्फोटक आसानी से उपलब्ध थे जो उन्होंने दंगाइयों को मुहैया कराए।
इस बीच, विहिप के एक अन्य नेता ने यह खुलासा किया है कि दंगों के दौरान डीसीपी गढवी ने 5 मुस्लिमों को मौत के घाट उतारा था। इस मामले के पूरे खुलासे में और भी कुछ नेताओं तथा पुलिस व प्रशासन से जुड़े अफसरों के नाम सामने आने की संभावना है।
मोदी पर आरोप :इस विशेष कार्यक्रम में चैनल ने मोदी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि मोदी ने दंगाइयों को तीन दिन की छूट दी थी। अल्पसंख्यकों के खिलाफ दंगे भड़काने के मामले में मोदी ने कहा था कि ‘तीन दिन बाद ही कोई कार्रवाई होगी जो करना है करो..’। यानी कि पुलिस प्रशासन को एक तरह से निर्देश दे दिए गए थे कि कोई भी हिंदू दंगाइयों को नहीं रोकेगा।
कोड वर्ड भी थे :धवल पटेल ने इस टेप में साफ शब्दों में कहा है कि बमों को जब दंगास्थलों पर ले जाया जाता था तब पहले तो पुलिस से बचकर और अगर पुलिस से सामना हो जाए तो ‘जय श्रीराम’ कहकर बचा जा सकता था। इस नारे के बाद पुलिस नहीं रोकती थी क्योंकि पुलिस के जवान भी तो आखिरकार हिंदू ही थे इसलिए वे समझते थे।
मोदी को होगा नुकसान? :टीवी चैनल पर गुजरात के दंगों के बारे में इस तरह का खुलासा ऐसे समय में किया जा रहा है जब गुजरात में चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। अगर चैनल के इस पूरे ऑपरेशन से ऐसा कोई सच साबित हो जाता है और उसका असर होता है तो क्या नरेंद्र मोदी और भाजपा को कोई नुकसान होगा?