News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. बुढ़ापे में होने वाली बीमारी अभिशाप नहीं होती। परिवार वालों को चाहिए कि वे बुजुर्गो का सहारा बनें, न कि उनकी उपेक्षा करें। डाक्टरों को भी चाहिए कि वे ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करें, जिसका उपयोग गांव-गांव तक आसानी से पहुंच सके। यह कहा अधिवेशन में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने।
इस अवसर पर मेडिकल कालेज के डीन डा. सुबीर मुखर्जी ने अतिथियों का स्वागत प्रतीक चिन्ह देकर किया। डा. एएस दाऊ ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का आभार माना। कार्यक्रम का संचालन डा. विनीत जैन ने किया।
श्री नरसिम्हन ने चिकित्सकों को लोगों तक आसानी से पहुंचने वाली इलाज की तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अधिक खर्च वाला इलाज नहीं करवा सकता। शासकीय अस्पतालों को भी और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे वहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति का इलाज ठीक ढं़ग से हो सके।
कार्यशाला की शुरुआत में सिंगापुर के प्रो. कमल बोस ने कहा कि हड्डी रोग से संबंधित बीमारियां वृद्धावस्था में ज्यादा होती हैं, क्योंकि इस अवस्था में पहुंच कर कई कारणों से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में उम्र के साथ हड्डियों का भी खास ख्याल रखना चाहिए।
घर की व्यवस्था भी हो चेंज
पटना के डा. बी. मुखोपाध्याय ने कहा कि एक उम्र के बाद वृद्धों के लिए घर की व्यवस्था ही चेंज करनी चाहिए। जैसे दरवाजे के नीचे चौखट न हो। नीचे का हिस्सा पूरी तरह से प्लेन हो। घर में कारपेट बिछा दिया जाए, जिससे उनके फिसलने का डर नहीं रहेगा। घर के बाथरूम को सूखा रखने की कोशिश की जाए। सभी कमरों में उचित प्रकाश की व्यवस्था हो। वृद्धों में छोटी-मोटी चोट से हड्डियों के क्रेक होने की संभावना बढ़ जाती है।
इन्होंने भी दी जानकारी
सेजकान के अध्यक्ष डा. एचकेटी रजा, सेंट्रल जोन के अध्यक्ष डा. जेडीपी सिन्हा, सेक्रेटरी डा. उमेश बत्रा, डा. केवी मुखर्जी वाराणसी, डा. संजय कुमार पटना, डा. बृजेश मोहन लखनऊ, डा. अजरुन सिंग पटना, डा. आर. सेन चंडीगढ़, डा. शैलेंद्र उपाध्याय रायपुर, प्रो. एमएम रे कोलकाता, डा. विनोद अग्रवाल मुंबई, डा. अनंत जोशी मुंबई, डा. जे. मुखोपाध्याय पटना, डा. एस. गुप्ता इंदौर, डा. निर्भय श्रीवास्तव भोपाल, डा. ए. राजगोपाल नई दिल्ली, डा. एएन वर्मा इलाहाबाद, वीएस सिंग पटना, डा. केतन शाह रायपुर, डा. पी. भार्गव इंदौर, डा. सुधीर कुमार रांची, डा. पीएल चंद्राकर भिलाई, डा. एके सिंग रांची, डा. के. सुदर्शन रायपुर, डा. अमूल्या सिंग पटना, डा. प्रवीण अग्रवाल रायपुर आदि ने विभिन्न रोगों पर विस्तार से जानकारी दी।