News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. अवंति विहार कालोनी के निवासी फाइनेंस ब्रोकर गणोश पोद्दार की हत्या के दो आरोपियों को पुलिस ने 30 अक्टूबर तक रिमांड पर ले लिया। पुलिस ने रिमांड की अर्जी शुक्रवार को कोर्ट में लगाई थी। पुलिस का तर्क है कि हत्याकांड के आरोपी सिपाही रामकृष्ण उर्फ बबलू साकार तथा इंजीनियरिंग छात्र प्रशांत सिंह से हत्या में इस्तेमाल हथियार, कपड़े, मोटरसाइकिल और दस्तावेज बरामद करना है।
करोड़पति सिपाही बबलू से पुलिस उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बारे में पूछताछ करेगी, जिनमें स्व. पोद्दार के साथ लेनदेन का ब्योरा है। पुलिस को पता चला है कि बबलू के लैपटाप में इसका विवरण है। इसमें और भी कई संदिग्ध लेनदेन की जानकारियां हैं।
बबलू का लैपटाप जब्त कर लिया गया। इसकी विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी। सिपाही के भांजे तथा हत्याकांड के तीसरे आरोपी शिवशंकर सोनकर से बरामदगी नहीं करनी थी, इसलिए उसे रिमांड पर नहीं लिया गया। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस पार्टियां राज्य ही नहीं, बाहर भी भटक रही हैं।
हत्याकांड में सौरव तिवारी, विवेक राय, विनय राजपूत और मोहसिन फरार हैं। इनमें तीन इंजीनियरिंग तथा एक आयुर्वेद छात्र है। फरार आरोपियों का पता-ठिकाना प्रशांत से लिया जाएगा। गौरतलब है, बीसी के 11 लाख रुपए वसूलने के लिए 20 प्रतिशत कमीशन पर सिपाही ने प्रशांत गैंग को सुपारी दी थी। गैंग के खिलाफ अपहरण, डकैती जैसे गंभीर मामले गोलबाजार, सरस्वतीनगर, पंडरी और गरियाबंद आदि थानों में दर्ज हैं।
राजधानी में दर्जनभर गैंग
पोद्दार हत्याकांड की तहकीकात के दौरान क्राइम ब्रांच ने राजधानी में दर्जनभर ऐसे गिरोहों का पता लगाया है, जो उधारी और कर्ज की वसूली से लेकर जमीन-मकान खाली कराने के काम में लगे हैं। ये लोग फाइनेंस के वाहन भी सीज कर रहे हैं। कानून के लचीलेपन और कई बार राजनैतिक संरक्षण से भी इन्हें फलने-फूलने का मौका मिला है।
अफसरों का कहना है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। एक चर्चित सीएसपी की सख्ती ने शहर के एक उभरते गैंग को तोड़ रख दिया। बताते हैं, उन्होंने अपनी दिशा बदलकर पुलिस के लिए मुखबिरी शुरू कर दी है। तीन-चार महीने पहले गुढ़ियारी में हथियाबंद युवकों का गिरोह डकैती की योजना बनाते हुए पकड़ा गया था। इसमें ज्यादातर बाहरी युवक शामिल थे।