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बिजली कटी, उद्योगपति सन्न

रायपुर. चिमनी का काला धुआं देखकर उद्योगों की बिजली काटने के निर्देश से उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई को शहर के लोगों ने सही बताया है, लेकिन स्पंज आयरन एसोसिएशन ने एकपक्षीय कार्रवाई करार दिया।

उद्योग मंत्री राजेश मूणत ने शुक्रवार को उरला-सिलतरा का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने पांच स्पंज आयरन संयंत्रों की बिजली काटने के निर्देश दिए। बिजली विभाग के अमले ने आज कनेक्शन काट दिए। प्रदूषण बोर्ड अफसरों की मौजूदगी में उनके मीटर सील किए गए।

इधर, उद्योगपति अचानक हुई कार्रवाई से घबरा गए हैं। पिछले सप्ताह कलेक्टर द्वारा गठित निगरानी समिति ने दो उद्योगों में ईएसपी बंद पाया था। जिसमें से एक की बिजली काटी थी। इकट्ठा पांच लंबे समय बाद इस तरह की कार्रवाई से उद्योगपति सकते में हैं। उरला-सिलतरा के उद्योगों के प्रदूषण से आसपास के तीन दर्जन गांव प्रभावित हैं।

इसका काला धुआं राजधानी की पाश कालोनियों में असर डालने लगा है। इमारतों की छत्तों के अलावा घर के भीतर भी धूल की काली परत नजर आने लगी है। पिछले महीने प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 27 स्पंज आयरन उद्योगों को नोटिस जारी कर ईएसपी हमेशा चलाने के निर्देश दिए। लेकिन ज्यादातर इसका पालन नहीं करते। दिन में कुछ देर ईएसपी चालू रहता है। उसके बाद उद्योगों की चिमनियां काला धुआं उगलना शुरु कर देती हैं।

रात में ईएसपी पूरी तरह बंद रहता है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी आरपी तिवारी का कहना है कि काला धुआं मानक स्तर से कितना अधिक है इसका अनुमान चिमनी देखकर लग जाता है। ठंड शुरु होने की वजह से काला धुंआ ऊंचाई तक नहीं जा पाता। उद्योगपतियों को बार-बार हिदायत देने के बावजूद वे लापरवाही कर रहे हैं।

स्पंज आयरन एसोसिएशन ने कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सिलतरा में क्षमता से अधिक उद्योग लगाने की अनुमति देने पर सवाल उठाया और कहा कि इस वजह से समस्या विकराल हो गई है। उन्होंने सिविल लाइन में एक उद्योगपति के घर बैठक लेकर शासन के सामने अपना पक्ष रखने का निर्णय लिया है।

उद्योगपतियों का कहना है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन इसकी जिम्मेदारी पहले एसोसिएशन को दी जाए। यदि इसके बाद भी ईएसपी बंद मिला तो वे स्वयं शिकायत करेंगे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी ने बताया कि कार्रवाई से पहले उद्योगपति का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। कई बार ईएसपी काम नहीं करता। इसे ठीक करवाने में वक्त लगता है। बार-बार पावर कट से भी प्रदूषण होता है, इसलिए यह भी बंद किया जाए।

पूरी बिजली न काटें
उद्योगपतियों का कहना है कि स्पंज आयरन प्लांट के साथ मिनी स्टील, रोलिंग मिल व फर्नेस भी होते हैं। प्रदूषण फैलाने पर केवल स्पंज आयरन प्लांट की बिजली काटनी चाहिए। उनसे संलग्न उद्योगों को छोड़ना चाहिए।





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