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नक्सलियों से निपटने व्यापक एक्शन प्लान

रायपुर. श्री चंद्रशेखर ने शनिवार को केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता के साथ नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा की। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और सलवा जुड़ूम अभियान की बिंदुवार जानकारी भी ली। श्री चंद्रशेखर ने अफसरों के साथ राज्य की आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों पर चर्चा की।

इस दौरान मुख्य सचिव शिवराज सिंह और डीजीपी विश्वरंजन ने फोर्स की कमी का हवाला देते हुए केंद्र से और फोर्स मांगी। संकेत मिले हैं कि इस बारे में फैसला जल्द हो जाएगा। श्री चंद्रशेखर को बताया गया कि राज्यों की सीमाओं में नक्सली अधिक वारदातें कर रहे हैं। वारदात के बाद वे दूसरे राज्यों में भाग जाते हैं।

इस पर श्री चंद्रशेखर और श्री गुप्ता ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर काम करने के लिए कहा। सीमा पर संयुक्त चौकसी के बारे में आने वाले दिनों ठोस पहल होने की संभावना है। इस बारे में आपस में राज्यों को अपनी ओर से अधिक पहल करनी होगी।

उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ व्यापक एक्शन प्लान बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सभी राज्यों से तालमेल बनाकर एक सर्वमान्य प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी। श्री चंद्रशेखर ने नक्सल हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित जिले दंतेवाड़ा और बीजापुर के लिए अलग से कार्ययोजना बनाकर सुरक्षा और विकास कार्र्यो पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वे चाहते हैं कि धुर नक्सल इलाकों में विकास कार्य तेज हों ताकि आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़े। बताते हैं कि श्री चंद्रशेखर और श्री गुप्ता अपने साथ प्रस्तावित प्लान का खाका लेकर आए थे। उन्होंने इस प्लान पर अफसरों से सलाह-मशविरा किया।

संकेत हैं कि सभी राज्यों की ओर से अलग-अलग सुझाव लेकर केंद्र सरकार नक्सल मोर्चे पर व्यापक रणनीति बनाने जा रही है। श्री चंद्रशेखर विभिन्न विभागों के 20 अफसरों की टीम लेकर यहां पहुंचे थे। उन्होंने राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप संबंधित विभागों के अफसरों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देर नहीं होनी चाहिए।

सात साल में 40 किमी सड़क
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्र्यो की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सड़कें और भवन नहीं बन पाने का मुद्दा उठा। लोक निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि नक्सली आतंक के कारण धुर नक्सली क्षेत्र में सड़कें और अन्य भवन निर्माण में कठिनाई हो रही है। बार्डर रोड आर्गनाइजेशन को काम देने के बाद भी सड़कें नहीं बन पा रही हैं।

सन 2000 में बार्डर रोड आर्गनाइजेशन ने जगदलपुर से निजामाबाद के बीच 205 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम प्रारंभ किया था। लेकिन सात साल में केवल 40 किलोमीटर सड़क ही बन पाई। सन 2009 तक पूरी सड़क बनाने का लक्ष्य पूरा होना नामुमकिन है। नक्सलियों के आतंक के कारण आर्गनाइजेशन भी काम नहीं कर पा रहा है। इस बारे में श्री चंद्रशेखर ने दिल्ली में बार्डर रोड आर्गनाइजेशन को बुलाकर बैठक करने की हिदायत दी।

राज्य अपनी फोर्स मजबूत करें
श्री चंद्रशेखर ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य की पुलिस नक्सल मोर्चे पर कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी राज्यों से बातचीत के बाद व्यापक एक्शन प्लान बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को पड़ोसी राज्यों से तालमेल बढ़ाने के लिए कहा गया है।

केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने कहा कि राज्य ने अतिरिक्त फोर्स की मांग की है। इस पर केंद्र विचार करेगा। फोर्स की उपलब्धता और राज्य की आवश्यकता के अनुरूप इसका निर्णय किया जाएगा। वैसे दोनों अफसरों ने यह बात साफ-साफ कही कि केंद्रीय फोर्स उपलब्ध कराने की एक सीमा है। राज्यों को ही अपनी फोर्स मजबूत करनी होगी।

राज्यों की पुलिस को आंतरिक सुरक्षा के मामले में मजबूत करने की आवश्यकता है। श्री चंद्रशेखर ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि वे यहां राज्य सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करने नहीं आए हैं। मूल्यांकन तो जनता करेगी। वे विकास कार्र्यो और सुरक्षा के क्षेत्र में होने वाले कामों के बारे में बात करने आए हैं।





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