कोटा. भामाशाह अनाज मंडी में इस बार सोयाबीन की बंपर आवक और अच्छे भावों के कारण किसानों और व्यापारियों के चेहरों पर खुशी की चमक है। इसके साथ ही बाजार में मनी फ्लो बढ़ने लगा है।
स्थानीय मंडी में पिछले साल जहां इस सीजन में 30 अक्टूबर को सर्वाधिक आवक 45 हजार बोरी की हुई थी, वहीं इस साल 24 अक्टूबर को सर्वाधिक आवक 65 हजार बोरी की है और अभी तक इस सीजन में मंडी में करीब पांच लाख बोरी सोयाबीन की आवक हो चुकी है। इस समय सोयाबीन का औसतन भाव 1515 से 1625 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। इस आधार पर सोयाबीन के लिए बैंकों से करीब 77 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है। इसमें कुछ राशि तो किसानों की ऋण के रूप में वापस बैंकों में आ गई। कुछ राशि बाजार में किसानों द्वारा खाद-बीज, सावों और त्यौहारों के सामानों की खरीदारी में जा रही है।
भाव ऊंचे होने से बढ़ रही है आवक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीओसी की दरें अधिक होना माना जा रहा है। पिछले साल डीओसी के भाव 8000 रुपए मीट्रिक टन था, वहीं इस बार 12500 रुपए मीट्रिक टन चल रहा है। यही वजह है कि मंडियों में बंपर आवक के बावजूद सोयाबीन के भाव 1515 रुपए प्रति क्विंटल से 1620 रुपए क्विंटल चल रहे हैं, जबकि पिछले साल 1150 से 1215 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहे थे।
बैंकों में पांच गुना लेन-देन बढ़ा
एसबीबीजे की भामाशाह मंडी के ब्रांच मैनेजर पी. के. मित्तल के अनुसार इस समय बैंकों का कारोबार पांच गुना बढ़ गया है। सीजन के शुरू में जहां 50 से 60 लाख रुपए रोज का लेन-देन हो रहा था। वह पिछले दस दिन में लेन-देन पांच गुना बढ़कर 2.50 करोड़ रुपए रोजाना का हो गया है। मंडी परिसर में स्थित चार बैंकों का मिलाकर इस समय करीब 8 करोड़ रुपए रोजाना का लेन-देन हो रहा है।
रुपया कहां से आए, कहां जाए
केश क्रोप के रूप में मानी जाने वाली सोयाबीन के फसल से जुड़ा है हाडोती का अर्थतंत्र। चीफ मैनेजर डी. के. शर्मा के अनुसार इस समय मार्केट में मनी का फ्लो बढ़ रहा है। इससे बैंकों का ऋण बढ़ने के साथ जमाओं में भी बढ़ोतरी होगी। अभी तक जिन व्यापारियों ने अपनी लिमिट का इस्तेमाल नहीं किया था, अब वे भी करेंगे।
* बैंकों से क्रेडिट लिमिट पर रुपया मिल जाता है। व्यापारी अधिकांश माल कंपनियों व प्लांटों के लिए खरीदते हैं, इसलिए इधर माल पहुंचा, उधर भुगतान आ जाता है।
—रूपचंद जैन व्यापारी
* रुपया कहां से आता है और कैसे आता है। हर व्यापारी अपने बिजनेस के हिसाब से इंतजाम करता है। सबकी अलग-अलग व्यवस्था होती है।
—राजेन्द्र शर्मा, व्यापारी
* भाव अच्छे होने के कारण मंडी में माल तेजी से आ रहा है। किसानों को भरोसा नहीं कि फिर इस भाव बिके या नहीं बिके। इस समय 1550 से 1625 रुपए क्विंटल का भाव चल रहा है।
—प्रदीप भंडारी, व्यापारी
* किसानों को रबी की फसल के लिए खाद-बीज का इंतजाम करना और कर्जा चुकाना है। इसलिए भी मंडी में एक साथ माल की आवक बढ़ रही है।
—भगवती खंडेलवाल, उपाध्यक्ष कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेन्ट्स एसो.
कब कितनी आवक
13 अक्टूबर - 10 हजार
16 अक्टूबर - 30 हजार
20 अक्टूबर - 45 हजार
22 अक्टूबर - 55 हजार
23 अक्टूबर - 60 हजार
24 अक्टूबर- 65 हजार
25 अक्टूबर- 60 हजार
26 अक्टूबर- 60 हजार
27 अक्टूबर - 50 हजार
मंडी समिति के अनुसार इस साल अक्टूबर माह में सोयाबीन की सर्वाधिक आवक इस प्रकार रही।
(आवक प्रति बोरी 90 किलो)