इंदौर.
550 उद्यमियों के साथ दो दिनों का मैराथन मंथन.., विभिन्न सेक्टर्स में 102 करारों.., करीब एक लाख 20 हजार करोड़ की धनवर्षा..। दरअसल 12,800 वर्गफीट में बने डोम में सभी को कुछ न कुछ मिला, कुछ उद्यमियों को संभावना की जमीन तो कुछ को आश्वासनों का आकाश। सरकार का पसीना मोती बनकर टपका।
सबसे बड़ी बात कि प्रदेश को विश्वास की पूंजी मिली जिससे यहां के लोगों का यकीनन आत्मविश्वास बढ़ेगा। अब जरूरी है यह पूंजी स्थायी रहे। इसके लिए सड़क, पानी और बिजली की हालत सुधारना होगी और इन दो दिनों के उत्साह को अनंत बनाना होगा, जिससे तरक्की सरपट भाग सके।
सवा साल पहले खजुराहो से शुरू हुए देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के सिलसिले ने शनिवार को इंदौर में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। १0२ करारनामों(एमओयू) के माध्यम से करीब 1.20 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया।
उसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा इनमें सबसे बड़ा निवेश विश्वास का है। समिट उम्मीदों पर खरी उतरी। दो दिवसीय समिट में मिले सारे प्रस्ताव अमल में आने के बाद प्रदेश सीमेंट उत्पादन में देश का नंबर-1 राज्य हो जाएगा।
धारणा ही बदल दी
हम प्रदेश के बारे में निवेशकों की धारणा बदलने में सफल रहे। अब लोग हमें विश्वास की नजरों से देख रहे हैं। यहां जिन लोगों ने एमओयू दस्तखत नहीं किए उन्होंने भी कई बातों में रुचि दिखाई। स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में प्रस्तावों से लगता है प्रदेश एजुकेशन हब और मेडिकल टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनेगा।
निवेश की दृष्टि से आदर्श राज्यों की कतार में
श्री चौहान ने बताया समिट के बाद मध्यप्रदेश निवेश की दृष्टि से आदर्श राज्यों में गिना जाएगा। जो एमओयू साइन हुए उन पर समय सीमा में क्रियान्वयन सबसे बड़ी चुनौती है। आमतौर पर निवेशक चुनाव के सालभर पहले नए निवेश में हाथ नहीं डालते हैं लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।
निवेशकों का काम खत्म, सरकार का शुरू
शनिवार सुबह का पहला सत्र निवेशकों तथा सरकार के बीच करारनामों पर दस्तखत का था। करीब दो घंटे के इस सत्र में हर करार पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दस्तखत हुए। निवेशकों के उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दो बार दस्तखत की समयावधि बढ़वाई।
समापन सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा, गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उद्योग मंत्री जयंत मलैया, शिक्षा मंत्री लक्ष्मणसिंह गौड़, फिक्की की मध्यप्रदेश काउंसिल के चेअरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल, मुख्य सचिव राकेश साहनी भी मौजूद थे। बाद में मुख्यमंत्री, महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा द्वारा अतिथियों के सम्मान में दिए गए भोज में शामिल हुए। शनिवार को भी कई उद्योगपतियों तथा निवेशकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
स्पेशल एजुकेशन जोन बनेगा राजधानी में
प्रदेश का पहला विशेष शैक्षणिक क्षेत्र (स्पेशल एजुकेशन जोन) भोपाल में ‘एजुकेशन सिटी’ नाम से विकसित होगा।
इसके लिए 635 एकड़ जमीन मनीखेड़ी, इस्लामपुरा (भोपाल) में दी गई है।
‘एजुकेशन सिटी में निवेश करने वालों को सरकार रियायती दर पर जमीन देगी। उसका उपयोग केवल शिक्षा के लिए ही होगा।
‘एजुकेशन सिटी’ में देशभर के नामी शैक्षणिक संस्थानों के स्कूल, कॉलेज, मेडिकल, डेंटल, इंजीनियरिंग, फॉर्मा व मैनेजमेंट कॉलेज होंगे।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा स्नेहलता श्रीवास्तव ने बताया कि इस एसईजेड में ऑक्सफोर्ड जैसी विदेशी यूनिवर्सिटीज भी आ सकती हैं।
कई विदेशी शिक्षण संस्थाएं यहां आने पर सहमति पहले ही दे चुकी हैं।
इंदौर में सात हजार करोड़ का निवेश
समिट में इंदौर में करीब सात हजार करोड़ रुपए के निवेशके करार हुए हैं। रीयल इस्टेट, आईटी और एजुकेशन में इंदौर निवेशकों की मुख्य पसंद में शुमार रहा।
पीथमपुर में अर्थ मूविंग इक्यूपमेंट प्लांट के लिए 164 करोड़।
700 करोड़ रुपए का इंटीग्रेटेड गोल्फ कोर्स।
100 करोड़ का मल्टी प्लेक्स।
480 करोड़ की फोटो बोल्टेक यूनिट।
1027 करोड़ की तीन निजी यूनिवर्सिटी।
1800 करोड़ की लागत से 600 मेगावॉट का पॉवर प्लांट।
150 बेडेड कैंसर और 100 बेडेड कार्डियक केअर यूनिट।
150 करोड़ रुपए का बीपीओ।
2570 करोड़ रुपए के आईटी एसईजेड।
26 जनवरी से निजी विश्वविद्यालय
समिट में जिन 10 निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का करार हुआ उनमें से पहला इंदौर में 26 जनवरी से काम शुरू कर देगा। यह श्री अरबिंदो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस द्वारा 227 करोड़ के निवेश से शुरू किया जा रहा है। इसमें से 148 करोड़ रुपए खर्च कर संसाधन जुटाए जा चुके हैं।
इंस्टिट्यूट के प्रमुख डॉ. विनोद भंडारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि हमारे पास 58 एकड़ का विकसित परिसर और एक लाख वर्गफीट से ज्यादा निर्मित क्षेत्र है। समूह की शिक्षण संस्थाओं में 1500 छात्र हैं। प्रस्तावित विवि में मेडिकल व डेंटल के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज व कंप्यूटर कोर्स होंगे। और बीसीए, बीएससी (इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस) जैसे कोर्स भी होंगे।