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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर/ मुरैना. शनिचरा व बटेश्वर क्षेत्र स्थित पत्थर की खदानों पर शनिवार को पुलिस, वन व पत्थर माफिया सदस्यों के बीच जमकर गोलीबारी हुई। पहाड़ी पर चढ़कर गोली चला रहे माफियाओं की गोलियां कलेक्टर आकाश त्रिपाठी व एसी डा. हरिसिंह यादव के नजदीक से निकल गइर्ं, जिसमें उनके बाल-बाल बचने की खबर है। गोलीबारी का एपीसोड आधा घंटे तक चला लेकिन उसके बाद भी माफिया पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने छठी से नौवी सदी पुराने बटेश्वर के मंदिरों को अवैध उत्खनन से बचाने के लिए आरएसएस के सरसंघ चालक केएस सुदर्शन को पत्र लिखा था। उस पर प्रदेश की भाजपा सरकार ने तुरंत एक्शन लेकर राजस्व क्षेत्र की पत्थर खदानों के ठेके निरस्त करा दिये थे।
इसके बाद भी पत्थर माफिया खदानों को धड़ल्ले से चला रहे है, इस सूचना पर मुरैना कलेक्टर श्री त्रिपाठी, एसपी यादव, डीएफओ एसपी शर्मा पुलिस बल के साथ शनिचरा क्षेत्र की खदानों पर पहुंचे। वहां पर वन वृत्त का उड़नदस्ता रेंजर केके खरे के नेतृत्व में जंगल की खदानों को हिटैची से बंद करा रहा था।
दोपहर के ढाई बजे के करीब उड़नदस्ते के लोग एक पहाड़ी की तरफ बढ़े, वहां पर अवैध उत्खनन हो रहा था और करीब 15 लोग बंदूकें टांगे पहाड़ी पर चढ़े हुए थे। वन अमले को देख उन्होंने भागने की बजाय गोलियां दागना शुरू कर दीं। वन अमले ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई और एसपी व कलेक्टर को सूचना दी। वे लोग भी पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
पुलिस बल ने पोजीशन ली और गोलियां चलाना शुरू कर दीं। इसी बीच माफियाओं की गोलियां कलेक्टर, एसपी व डीएफओ के पास से होकर निकल गईं। उसके पश्चात एसपी ने भी गोली दाग दी।
करीब आधा घंटे तक गोलीबारी का एपीसोड चला, उसमें 30 राउंड गोलियां दोनों तरफ से चलाई गईं और पत्थर माफिया के हथियार बंद लोग भाग निकले। सूचना मिलने के बाद चंबल संभाग के डीआईजी डीसी सागर व वन संरक्षक जेपी नारायण भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद जिला, पुलिस व वन प्रशासन वापस लौट आया है।
घटनाक्रम
शनिवार की सुबह माइनिंग, राजस्व विभाग व रिठौरा पुलिस के कर्मचारी बटेश्वर क्षेत्र में पहुंचे। वहां पर अवैध उत्खनन के आरोप में दो ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर लिया, उनको नूराबाद थाने में लाकर खड़ा कर दिया गया।
इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी दोपहर शनिचरा व बटेश्वर क्षेत्र में कार्रवाई करने के लिए पहुंचे इसी दौरान पहाड़ी के ऊपर मौजूद पत्थर माफियाओं ने बंदूकों से फायरिंग करना शुरू कर दिया।
रिठौरा थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी में पत्थर माफियाओं की गोलियां अधिकारियों के बगल से निकल गईं उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है। हमारे पास पुलिस बल पर्याप्त था इसलिए प्रभावी कार्रवाई की गई। माफियाओं के खिलाफ रिठौरा थाने में मामले दर्ज कराए जा रहे हैं।
डीसी सागर, डीआईजी चंबल रेंज
>> वन अमले ने करीब 20-22 खदानों को बंद कर दिया है और पत्थर को नष्ट किया जा चुका है। पत्थर माफियाओं के खिलाफ वन अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रात्रि में पूरा वन अमला व पुलिस मौके पर ही मौजूद है।
एसपी शर्मा, वन मंडलाधिकारी मुरैना