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रायगढ़ एसपी को धोखाधड़ी की जांच के आदेश

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस जगदीश भल्ला एवं जस्टिस सतीश अग्निहोत्री की युगलपीठ ने धोखाधड़ी के एक मामले में रायगढ़ एसपी को दो महीने में जांच पूर्ण करने का आदेश दिया है। प्रकरण के अनुसार जिंदल इंडस्ट्रियल पार्क, रायगढ़ स्थित मां बंजारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में भागीदारी का विवाद चल रहा है।

पुलिस में इसकी रिपोर्ट करने के बावजूद जांच नहीं होने पर फर्म के भागीदार राजेश शर्मा ने वकील सुनील ओटवानी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

याचिका के मुताबिक बंजारी इस्पात प्रायवेट लिमिटेड ने वर्ष 2003 में इंडस्ट्रियल पार्क में फर्नेस प्लांट की स्थापना की थी। राजेश शर्मा सहित पांच भागीदारों का इसमें 20-20 फीसदी हिस्सा था।

इनमें से एक भागीदार को फर्म का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया। याचिका के मुताबिक प्रबंध संचालक ने राजेश शर्मा को अंधेरे में रखकर वर्ष 2004 में उन्हें फर्म से अलग कर दिया तथा चार नए भागीदार बना दिए।

आरोप है कि स्टेट बैंक आफ इंदौर के कागजातों में हेरफेर कर भागीदार राजेश शर्मा का इस्तीफा दर्शा दिया गया। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस से संपर्क करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

17 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकपा 30 को देगी धरना
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 30 अक्टूबर को रायपुर में रैली व धरने का आयोजन किया है। इसमें शहर से भी पार्टी से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

पार्टी के जिला सचिव पवन कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा देश व प्रदेश के विकास का ढ़िंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। किसान कर्ज के बोझ से दबा हुआ है।

वर्ष 1993 में आर्थिक उदारीकरण व निजीकरण की नीति लागू करने के बाद से 1 लाख, 12 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। बेरोजगारों को काम देने के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि रैली व धरना प्रदर्शन 17 सूत्रीय मांगों को लेकर होगा।





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