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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल संरक्षण गृह में पिछले दो वषों से भी अधिक समय से चिकित्सा सुविधा के अभाव के साथ रह रहीं बालिकाओं को अब राहत मिलने वाली है। संरक्षण गृह में 23 अक्टूबर को चिकित्सक नियुक्त करने के आदेश जारी हुए।
बाल संरक्षण गृह में बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण माह में दो दिन चिकित्सक द्वारा कराए जाने का नियम है, लेकिन लगभग ढाई वष्रो से यहां यह व्यवस्था बंद पड़ चुकी थी, जिसका कारण नियुक्त चिकित्सक का अन्यत्र स्थानान्तरण होना बताया जाता है। इसके बाद यहां एक नर्स के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाता था, परंतु कुछ महीनों बाद उसने भी इलाज करना बंद कर दिया ।
यहां कुल 53 बालिकाएं हैं। उनका स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें संरक्षण गृह में ही कुछ सामान्य दवाइयां दे दी जाती थीं। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें नवीन जिला चिकित्सालय भेज कर इलाज कराया जाता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ माह पूर्व संरक्षण गृह की अधीक्षिका द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग और सीएमओ को वस्तु स्थिति से अवगत कराया था। अंतत: सीएमओ आरआर तिवारी द्वारा नवीन जिला चिकित्सालय के डा. अरविन्द शुक्ला को संरक्षण गृह का चिकित्सक नियुक्त करने के आदेश दिए हैं।
बाल संरक्षण गृह की अधीक्षिका ममता तिवारी बताती हैं कि डा. शुक्ला से बच्चों के इलाज के लिए दिन निश्चित करने के लिए बातचीत की जाएगी। अगले माह तक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ हो जाएगा।