नई दिल्ली. रेल यात्रा के लिए आरक्षण करवाते वक्त जरा ध्यान से आवेदन फार्म भरें क्योंकि अधूरा या गलत पता भरने पर न केवल आपका आरक्षण निरस्त हो सकता है, बल्कि आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। उत्तर रेलवे ने आरक्षण आवेदन पत्रों पर दिए पतों की जांच करवाना शुरू कर दिया है। अन्य रेलवे क्षेत्र भी जल्द ही इस रास्ते पर चल निकलेंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टिकट लेने वाले का पता यदि गलत पाया गया तो रेलवे अधिकारियों को सीट या बर्थ आरक्षण रद्द करने का अधिकार होगा। पते में गलती का संदेह होने पर टीटी आपसे पते का सबूत मांग सकता है।
अगर आप सही पते का सबूत चलती गाड़ी में नहीं दे पाए तो आपको बिना टिकट या किसी दूसरे के टिकट पर यात्रा करने का दोषी माना जाएगा और आपको 500 रुपए जुर्माने के साथ तीन माह की जेल भी भुगतनी पड़ सकती है। रेलवे के अनुसार इस साल अप्रैल से सितंबर तक दूसरों के टिकट पर यात्रा करते हुए उत्तर रेलवे ने 111 मामले पकड़े और दोषी यात्रियों को सजा भी हुई।