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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. स्पंज आयरन एसोसिएशन ने आज जारी बयान में बताया कि जिन उद्योगों की बिजली काटी गई, उनके अलावा बाकी उद्योगों में भी ईएसपी की तकनीकी खराबी दूर कर ली। अब उद्योगों से प्रदूषण नहीं होगा, इसलिए बिजली कनेक्शन जोड़ दिया जाए।
शुक्रवार को उद्योगमंत्री राजेश मूणत ने सिलतरा क्षेत्र में चिमनी से काला धुआं निकलते देखकर पांच उद्योगों की बिजली काटने के निर्देश दिए। इस मामले में जिला प्रशासन ने कड़ाई बरतने का मन बना लिया है। पांचों उद्योगों में बिजली नहीं होने से दूसरे यूनिट भी बंद रहे।
प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि स्पंज आयरन उद्योग प्रदूषण रोकने उपाय नहीं करते। उन्हें कई बार नोटिस भी जारी की गई। अब बिजली काटने के बाद जोड़ने की प्रक्रिया में समय लगता है। कलेक्टर द्वारा गठित निगरानी समिति को उद्योगपति शपथ पत्र देंगे। प्रदूषण मंडल के अधिकारी वहां की जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे। जिसके बाद कलेक्टर बिजली जोड़ने की अनुशंसा करेंगे। इस प्रक्रिया में एक सप्ताह का समय लगता है।
स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी का कहना है कि ईएसपी में तकनीकी खराबी की वजह से वह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा था। उसमें सुधार कर लिया गया है। बिजली कटने से स्पंज आयरन से संलग्न इंटीग्रेटेड उद्योग भी संकट में आ गए हैं। सभी स्पंज आयरन प्लांटों में रोलिंग मिल के साथ-साथ इंडक्शन फर्नेस भी हैं। ये दोनों यूनिट प्रदूषण नहीं फैलातीं।
बिजली कटने से इनका काम भी बंद है, इसलिए बिजली तुरंत जोड़ी जानी चाहिए। उद्योगपतियों का ये भी कहना है कि बिजली काटने की कार्रवाई से पहले उद्योगपति को अपनी सफाई का मौका दिया जाना चाहिए।
कम नहीं हुई धूल
शासन की कड़ी कार्रवाई तथा पांच उद्योगों के बिजली कनेक्शन काटे जाने के बावजूद उरला तथा सिलतरा और लगे इलाकों में काली धूल की बारिश थमी नहीं है। सिलतरा के ग्रामीणों ने बताया कि रात में इतनी धूल बरस जाती है कि सुबह इसकी परत दिखाई पड़ती है। हालांकि दिन में ईएसपी चालू रहने की वजह से चिमनियों से धुआं निकलना बंद हो गया।
गौरतलब है, हवा के साथ औद्योगिक इलाकों से धूल राजधानी में देवेंद्रनगर तक आमतौर से पहुंच जाती है। ठंड में हवा का घनत्व अधिक रहता है, इसलिए धूल ऊपर जाने के बजाय सतह के नजदीक बनी रहती है, जिससे स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।