जयपुर. राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटील अपने पति देवीसिंह शेखावत के साथ रविवार शाम जयपुर पहुंच गईं। वे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से यहां सांगानेर हवाई अड्डे पर उतरीं। वे सोमवार को यहां विश्व झील सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एस.के. सिंह करेंगे। जबकि मुख्यमंत्री वसुंधराराजे विशिष्ट अतिथि होंगी।
झील सम्मेलन के बाद राष्ट्रपति सीकर जिले में जीणमाता के दर्शन करने जाएंगी। वहां से पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति जयपुर जिले के जमवारामगढ़ में जमवा माता के दर्शन करेंगी। इसके बाद वे दिल्ली रवाना हो जाएंगी। पाटील की राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली राजस्थान यात्रा है।
रविवार को सांगानेर हवाई अड्डे पर राज्यपाल एस.के. सिंह, उनकी पत्नी मंजूसिंह, मुख्यमंत्री वसुंधराराजे और केन्द्रीन वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री नमोनारायण मीणा ने उनकी अगवानी की। विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रासिंह, महापौर अशोक परनामी, मुख्य सचिव डी.सी. सामंत और सेना के वरिष्ठ अधिकारी के.के. कोहली ने पुष्पगुच्छ भेंट किया। सांसद गिरधारीलाल भार्गव, वन मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, समाज कल्याण मंत्री मदन दिलावर, सिंचाई मंत्री प्रो. सांवरलाल जाट ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया। 4 जे एंड के लाइट इन्फेंट्री के 152 जवानों और अधिकारियों की गारद ने सलामी दी।
राजभवन में सीकर जिले में नांगल पंचायत समिति की सदस्य भंवर कंवर और हंसा कंवर के नेतृत्व में 150 महिलाओं ने श्रीमती पाटील का स्वागत किया। आर्टिस्टिक ब्रेन एज्यूकेशन के बच्चों ने चुटकी में गणित के सवाल हल करने के बारे में बताया। राष्ट्रपति से मिलने वालों में कोटा विवि. के पूर्व कुलपति बी.एल. वर्मा, राज. विवि. के कुछ प्रोफेसर शामिल थे। संस्कृति संस्था के एच.सी. गणोशिया, चित्रा गोयल, पं. सुरेश मिश्रा, पं. पुरुषोत्तम गौड़ व सरस्वती शिक्षा संस्थान की शशिसहाय ने कन्या भ्रूणहत्या के विरुद्ध युवा संकल्प का पोस्टर भेंट किया।