HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

गुरुकुलों में मुकाबला

विभिन्न अंचलों से. प्रदेश में 4 निजी विश्वविद्यालय खुलने की इजाजत मिलने के बाद सरकारी विश्वविद्यालयों ने निजी संस्थानों से ‘मुकाबला’ करने की तैयारी कर guruली है। राज्य के ज्यादातर विश्वविद्यालयों ने भविष्य में होने वाली प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर अपना ध्यान परंपरागत ढांचे को सुधारने पर केंद्रित किया है। राजस्थान विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम लाने की तैयारी कर रही है। साथ ही उसने रिसर्च को बेहतर बनाने और परम्परागत ढांचे को सुधारने पर भी काम शुरू कर दिया है।

उधर, चार निजी विश्वविद्यालयों के खुलने से शुरुआत में करीब 3600 सीटों पर छात्रों को प्रवेश मिलेगा। साथ ही 5 हजार शिक्षक-कर्मचारियों को भी रोजगार मिलेगा। विश्वविद्यालय में करीब 200 पाठ्यक्रम संचालित होंगे। राज्य के 13 सरकारी विश्वविद्यालयों में करीब 25 लाख छात्र (नियमित-अनियमित) अध्यनरत हैं।

गणित भी बड़ा: चार निजी विश्वविद्यालयों पर 350 करोड़ रु. के निवेश की उम्मीद है। प्रदेश में 21 अन्य विश्वविद्यालय इजाजत पाने के लिए कतार में हैं। अगर इन विश्वविद्यालयों को भी अनुमति मिल जाती है तो निवेश राशि 21 सौ करोड़ रुपए के आसपास हो जाएगी। निजी यूनिवर्सिटी:
* उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी।
* छात्रों के सामने शिक्षा के विकल्प बढ़ जाएंगे।
* परम्परागत कोर्स से पीछा छूटेगा।
* प्रवेश को लेकर मारामारी कम होगी।
* संस्थान की मदद से रोजगार पाने में आसानी रहेगी।
* देश के अन्य भागों व विदेशों से छात्र-शिक्षक आएंगे।
* रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
* निजी कंपनियों को फायदा, सेज में आने वाली कंपनियों को बेहतर ऑप्शन मिलेंगे।
* विदेशी विश्वविद्यालयों से टाईअप होने से शिक्षा का आकर्षण बढ़ेगा।

सरकारी विश्वविद्यालयों की समस्याएं: * शिक्षकों की कमी
* प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ियां
* परिणाम में देरी
* डिग्रियां बंटने में देरी
* ऑनलाइन कोर्स अटके
* रिसर्च के स्तर में गिरावट

निजी कंपनियों को फायदा:
नए विश्वविद्यालयों से विषय विशेषज्ञों की कमी दूर होगी। सेज में आने वाली व अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बेहतरीन प्रतिभाएं मिलेंगी।

इनका कहना है * एमिटी नोएडा में पहले से ही विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी चला रहे हैं। वहां से निकलने वाले विद्यार्थी को शत-प्रतिशत रोजगार मिल रहा है। जयपुर में इसकी कमी थी। एमिटी इसे पूरा करेगी। यहां 150 नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।
-असीम चौहान, एडिशनल प्रेसिडेंट, एमिटी

* सीडलिंग ग्रुप के पास उच्च शिक्षा के क्षेत्र का गहन अनुभव है। छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों की राय व अनुभव से पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
-संदीप बख्शी, संस्थापक, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी

पचेरी में यूनिवर्सिटी की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र काफी तरक्की करेंगे।
-डी.सी.सिंघानिया, सिंघानिया विश्वविद्यालय

* व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को प्रमुखता दी जाएगी। बजट, संसाधन की कमी व फैसले लेने में देरी जैसी समस्याएं नहीं होंगी।
-एम.एल.चौबीसा, रजिस्ट्रार, पदमपत सिंघानिया विवि, उदयपुर

क्या कहते हैं शिक्षाविद् :
* उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ेगी। नए-नए कोर्स शुरू होंगे। राज्य में रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू होंगे।
-प्रो.बी.एल.वर्मा, पूर्व कुलपति, कोटा विश्वविद्यालय

* शैक्षिक गुणवत्ता की दृष्टि से प्रतिस्पर्धा जरूरी है। निजी विश्वविद्यालयों में गरीब तबके के मेधावी छात्रों को फीस में छूट मिलनी चाहिए।
-प्रो.के.एल.कमल, पूर्व कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय

* उच्च शिक्षा में व्यवसायीकरण बढेगा। निजी विवि का कोई सामाजिक दायित्व नहीं होगा। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। इनकी फीस भी भारी भरकम होगी।
-प्रकाश चतुर्वेदी, शिक्षाविद् व सामाजिक कार्यकर्ता

* निजी विश्वविद्यालय प्रोफेशनल कोर्स शुरू करेंगे। सरकारी विश्वविद्यालयों पर भार कम होगा।
-के.एल.शर्मा, पूर्व कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय

* जिन विश्वविद्यालयों के प्रस्ताव आए हैं, वे अलग-अलग स्टेज पर विचाराधीन हैं। नॉर्म्स पूरा करने के बाद आगे की कार्रवाई नियमित रूप से चलती रहेगी। नए विश्वविद्यालयों से प्रदेश का शैक्षिक स्तर ऊंचा होगा।
-ए.के.गर्ग, उच्च शिक्षा सचिव

* निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक माहौल पैदा होगा।
-एस.एल.बोहरा, रजिस्ट्रार, मेडिकल यूनिवर्सिटी

* अब छात्रों को बेस्ट फैकल्टी मिलेगी और उनके पास च्वॉइस भी रहेंगे। आने वाले समय में राजस्थान क्वालिटी एजूकेशन सेंटर के रूप में विकसित होगा।
-सिद्धार्थ बोहरा, टॉपर 2000 (जियोग्राफी), मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी उदयपुर

* प्राइवेट यूनिवर्सिटी का एक बड़ा फायदा छात्रों को प्लेसमेंट के रूप में मिल सकता है। प्रतिस्पर्धा होने से यूनिवर्सिटीज में होड़ रहेगी कि उनके छात्रों को बेहतर पैकेज मिले।
-दीपक अग्रवाल, टॉपर 2001 (एनवायर्नमेंट साइंस), राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर * राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर: अंतरराष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम लाएंगे
* परंपरागत ढांचे को बदलने की कवायद होगी। पुराना पाठ्यक्रम बदल सकता है।
* रोजगारपरक विषयों को प्राथमिकता मिल सकती है।
* रिसर्च का दायरा बढ़ेगा और समस्याएं दूर की जाएंगी।
* प्रवेश प्रकिया में गड़बड़ियां थमने की उम्मीद।

रिसर्च पर जोर देंगे : शर्मा
राजस्थान विश्वविद्यालय डीन कमेटी के सदस्य प्रो. बी.एम. शर्मा से बातचीत

सवाल : निजी यूनिवर्सिटीज से मुकाबले की क्या तैयारी है?
योजना बना रहे हैं। ध्यान रिसर्च पर रहेगा। प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

सवाल : शिक्षकों की कमी से कैसे निबटेंगे? जो है उसी में बेहतर काम। नियुक्ति का काम सरकार का।

सवाल : वित्तीय संसाधन कैसे जुटाएंगे?
ज्यादातर नए पाठ्यक्रम स्ववित्त पोषित होंगे।

सवाल : शिक्षण का स्तर कैसे बेहतर होगा?
अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोर्स शुरू करेंगे। पुराना पाठ्यक्रम बदलेंगे और रिसर्च पर जोर देंगे।

सवाल : निजी विश्वविद्यालय खुलने से आपके यहां प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या कम तो नहीं हो जाएगी?
सबसे बेहतर विद्यार्थी हमारे यहां प्रवेश लेने की कोशिश करते हैं।

* सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर:
टेक्निकल कोर्स शुरू किए जाएंगे
* ज्यादा फीस वाले टेक्निकल कोर्स शुरू किए जाएंगे।
* सेलेबस पर भी काम होगा।

* सुखाड़िया विवि का उद्देश्य दूरस्थ अंचल के मध्यम वर्गीय छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना पूरा करना है। हमारे कोर्स निजी विवि के कोर्स से अलग हैं।
-प्रवक्ता, मोसुविवि उदयपुर

जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय:
* प्रतिस्पर्धा के लिए टेक्नोलॉजी विकसित करेंगे।
* प्रोफेशनल कोर्स को अधिक मॉडर्न बनाया जाएगा।
* प्रयोगशाला को अत्याधुनिक बनाएंगे।

* निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने का खर्च मेवाड़ के आदिवासी व अन्य छात्र वहन नहीं कर पाएंगे। हम उनके मुकाबले में हर तरह के कोर्स संचालित करेंगे।
-प्रो.लोकेश भट्ट, कुलपति, जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय

4 नए निजी विश्वविद्यालय:* जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी
जगतपुरा में 50 एकड़ भूमि पर बनी इस यूनिवर्सिटी में 25 हजार वर्गमीटर में आधारभूत ढांचा विकसित। करीब 100 करोड़ रु. का निवेश। करीब 2000 कर्मचारी। प्रति वर्ष 1500 छात्रों को प्रवेश। राजस्थान विवि के पूर्व कुलपति प्रो. के.एल. शर्मा सलाहकार होंगे।
कोर्स : शुरुआत में इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट, फॉर्मेसी, बायोटेक, मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड लर्निग एंड एडवांस स्टडीज आदि।

* एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर:
चंदवाजी के पास 50 एकड़ भूमि पर 25 हजार वर्गमीटर में आधारभूत ढांचा। हजार विद्यार्थियों को प्रवेश।
कोर्स : फोरेंसिक साइंस, गेस्ट व होटल मैनेजमेंट, इंश्योरेंस, लैंग्वेज, लॉ, मैनेजमेंट व बिजनेस, नेनो टेक्नोलॉजी, नर्सिग, परफोर्मिग आर्ट, ट्रैवल्स, टूरिज्म, टेलीकम्युनिकेशन, अरबन रूरल मैनेजमेंट आदि।

* सर पदमपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी, उदयपुर:
वल्लभनगर के ग्राम भटेवर में। 30 एकड़ भूमि पर 75 करोड़ रु. की लागत से तैयार। एक हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।
कोर्स : केमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आदि।

* सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी बड़ी (झुंझुनूं): बुहाना तहसील के पचेरी बड़ी में 30 एकड़ भूमि पर। लगभग 60 करोड़ की लागत से तैयार होगा। यूनिवर्सिटी में 500 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा।
कोर्स : एलएलबी, एलएलएम, एमबीए, बीटेक, बीबीए, बीएससी, ह्यूमन रिसोर्स, होटल मैनेजमेंट, बायो इन्फॉर्मेशन व बायो टेक्नोलॉजी, ह्यूमेनिटी आदि।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: