इंदौर. रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ 270 करोड़ की डील के बाद विभिन्न बैंकों के अफसर इंदौर विकास प्राधिकरण आने-जाने लगे हैं। हर प्रमुख बैंक चाहता है यह राशि उसके पास जमा हो। हालांकि प्राधिकरण ने तय नहीं किया है कि राशि कहां जमा होगी।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है 27 सितंबर को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही बैंक अफसर आने लगे थे। शनिवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा दिए गए 62.52 करोड़ के चेक को क्लियरेंस के लिए यूनियन बैंक में तत्काल डाल दिया गया।
यह राशि जैसे ही बैंक के पास आएगी फ्लेक्सी अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी। उसमें बैंक दिनों के अनुसार ब्याज देता है। यह अकाउंट फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की तरह ही होता है जिसकी ब्याज दर एफडी से कुछ कम होती है। एफडी की ब्याज दर इन दिनों 9.5 प्रतिशत तक है।
राष्ट्रीयकृत बैंकों से प्रस्ताव बुलाए
प्राधिकरण ने शनिवार को ही राष्ट्रीयकृत बैंकों के हेड ऑफिसों को पत्र लिखकर ब्याज दर के प्रस्ताव मंगाए हैं। कुछ प्रस्ताव पत्र सोमवार को भी रवाना किए जाएंगे। 26 दिसंबर तक प्लॉट का शेष भुगतान (207.50 करोड़) आ जाएगा। संबंधित बैंकों से सात दिन में फ्लेक्सी अकाउंट की ब्याज दर बताने को कहा है। बैंकों के सामने कुछ राशि के निवेश का विकल्प भी रखा है।
जो ज्यादा ब्याज देगा
>> हमने बैंकों से ब्याज दर बताने को कहा है। जो ज्यादा ब्याज देगा, राशि वहीं रखेंगे। अब तक बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंदौर बैंक और जयपुर-बीकानेर बैंक के साथ कई प्राइवेट बैंकों के अफसर मिल चुके हैं। हम नियमानुसार राशि राष्ट्रीयकृत बैंक में ही रख सकते हैं।
-मधु वर्मा, अध्यक्ष, इंदौर विकास प्राधिकरण