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अब सपनों को जमीं की जरूरत

इंदौर. दुनियाभर के मेहमान आए और विकास के सपने देखे-दिखाए। अब जरूरत है उन प्रयासों को जमीन देने की जो मेहमानों को बुलाने के लिए सरकार ने किए थे। समिट के दौरान निवेशकों ने जो मांगे उठाईं और प्रदेश कीकमियां गिनाईं, उन्हें दूर करना सरकार की महती जिम्मेदारी है। इसके अलावा छह महीने से घूम-घूमकर जिस प्रकार प्रदेश की ब्रांडिंग की गई उसे भी बरकरार रखना होगा।

सिंगल विंडो सिस्टम लागू करना होगा
सवा लाख करोड़ के करारों को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी अब निवेशकों से भी ज्यादा प्रदेश सरकार की है।
केंद्र सरकार पर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क मजबूत करने के लिए दबाव बनाना होगा। सड़कों की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।
निवेशकों से किए सारे वादे सरकार को पूरे करना होंगे। खासकर जमीन संबंधी।
प्रोजेक्ट क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और फेसिलिटेशन एक्ट बेहद जरूरी है। आवेदन के 30 दिन बाद प्रोजेक्ट शुरू होने की स्थिति में आ जाना चाहिए।
सारे करार कामयाब हो इसके लिए सरकार को निवेशकों से किए सारे वादे पूरे करना होंगे। खासकर जमीन को लेकर।
जिन विभागों ने एमओयू साइन किए हैं उन्हें बहुत गंभीरता से काम करना होगा।

इन पर भी हो नजर

निवेश बढ़ने से रोजगार के साधन बढ़ेंगे और अन्य प्रदेशों के लोग आकर्षित होंगे जिससे जनसंख्या का दबाव बढेगा। उसी अनुपात में संसाधन बढ़ाना होंगे वरना असंतुलन की स्थिति बन सकती है। खासकर महंगाई बढ़ सकती है।
सख्ती नहीं बरती तो उद्योगों से प्रदूषण भी गंभीर समस्या बन सकता है।
जनसंख्या घनत्व बढ़ने से अपराधभी बढ़ेंगे।

नई उद्योग नीति में कई रियायतें

वित्त मंत्री राघवजी के अनुसार हाल ही में प्रदेश की नई औद्योगिक नीति बनाई है। इसमें उद्योगों के लिए कई तरह की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। खासकर बीमार उद्योगों को टेक ओवर करने वाले व फुड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने वाले उद्योगों को विशेष रियायत दी जा रही है।

पहले कई उद्योगों को अपात्र की सूची में डाल दिया गया था। उसमें बदलाव कर कई उद्योगों को पात्रों की सूची में लाकर रियायत दी जा रही है। इसी में सारे एमओयू कवर हो जाएंगे।

यदि किसी उद्योग को कोई विशेष रियायत चाहिए तो उसके निर्णय के लिए एपेक्स कमेटी बनाई है, जो संबंधित उद्योग के गुण-दोष के आधार पर फैसला करेगी। रोजगार मुख्य आधार है। यदि कोई कंपनी अधिक रोजगार देती है तो उसे अनुपातिक रूप से कुछ सुविधाएं अधिक दी जा सकती हैं।

सोच में बदलाव बड़ी उपलब्धि
>> उद्योगों के प्रति सरकार की सोच में आया बदलाव निवेश के करार से बड़ी उपलब्धि है। अब निवेशक जल्दी प्रोजेक्ट शुरू करना चाहता है।
शिवसिंह मेहता, एमडी कृति इंडस्ट्री लि.

इंदौर बनेगा अगला आईटी हब
>> बैंगलोर और हैदराबाद के बाद इंदौर अब जल्द ही मध्य भारत का बड़ा आईटी हब बनेगा। पांच साल बाद प्रदेश मजबूत अर्थव्यवस्था वाला राज्य होगा।
मेघना घोष, को आर्डिनेटर फिक्की स्टेट काउंसिल

हर क्षेत्र में तरक्की होगी >> निवेश से प्रदेश के हर क्षेत्र में तरक्की होगी। सरकार के राजस्व में वृद्धि से इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से सुधार होगा जिससे नए निवेशक भी आकर्षित होंगे।
प्रताप वर्मा, निवेश और औद्योगिक विकास सलाहकार एमपीएसआईडीसी

अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगा >> उद्योगों से अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगा। यदि फैक्टरी में 100 लोगों को काम मिलेगा तो दूसरी तरह से करीब एक हजार लोग उससे लाभान्वित होंगे।
अजय चौबे, एमडी एकेवीएन, भोपाल





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