भोपाल. आखिर राजधानी के सरकारी मकानों में सीलिंग कब होगी? यह सवाल इसलिए खड़ा हो गया है, क्योंकि नगर निगम ने अरेरा कालोनी में सीलिंग शुरू कर दी है और सरकारी मकानों में बेरोकटोक व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने अरेरा कालोनी में आवासीय प्लाटों पर जारी व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। हाल में एक पैथोलाजी लैब को बंद करवाया गया है। कोर्ट ने एक क्षेत्र विशेष की बजाय पूरे शहर में ऐसी कार्रवाई करने को कहा है।
टीटी नगर में सबसे ज्यादा दुरूपयोग:
राजधानी के साढ़े 16 हजार सरकारी मकानों में से लगभग दस प्रतिशत में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। टीटी नगर क्षेत्र में तो अमूमन हर चौथे मकान में कोई न कोई व्यवसाय संचालित हो रहा है। इन मकानों में कोचिंग क्लास, ट्यूशन, ब्यूटी पार्लर, मेस आदि का कारोबार चल रहा है। शिवाजी नगर और तुलसी नगर में सरकारी डाक्टर घरों में ही क्लीनिक चला रहे हैं।
बड़ी कार्रवाई नहीं:
राजधानी के सरकारी मकान पीडब्ल्यूडी की संपत्ति हैं, लेकिन विभाग ने कभी भी यहां चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया। संपदा संचालनालय ने भी आवंटन नियमों के दुरूपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई नहीं की।
>> सरकारी मकानों के दुरूपयोग की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाती है और सही पाई जाने पर आवंटन निरस्त किया जा सकता है।
-डा. एमसी किशोरे, निष्कासन व आवंटन अधिकारी