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प्राचार्र्यो को र्ल्िनग लाइसेंस बनाने फिर प्रशिक्षण

भोपाल. प्राचार्र्यो को र्ल्िनग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के अधिकार देने की योजना के सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं। अब क्षेत्रीय परिवहन दोबारा प्राचार्र्यो की बैठक लेकर उन्हें एक बार फिर र्ल्िनग लाइसेंस बनाने के गुर व नियमों की जानकारी देगा। करीब साल भर पहले प्रदेशभर के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में यह योजना लागू की गई थी।

शहर में ऐसे 32 स्कूल एवं 16 कालेज हैं, लेकिन योजना के क्रियान्वयन का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि इतने समय में कुल 48 संस्थानों में ही महज दो हजार र्ल्िनग लाइसेंस बनाए जा सके। जबकि सरकारी स्कूल और कालेजों में इससे कई गुना ज्यादा संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं।

क्या हुआ था:
योजना के श्रीगणोश के साथ राजधानी के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा शहर के शासकीय स्कूल-कालेजों के प्राचार्र्यो को लाइसेंस के आवेदन, शुल्क समेत प्रमाणपत्र बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया था। जिसके बाद राजधानी के विभिन्न सरकारी स्कूल-कालेजों में विद्यार्थियों को र्ल्िनग लाइसेंस दिए जाने की सुविधा लागू कर दी गई थी।

>> प्रशिक्षण प्राप्त कई प्राचार्र्यो का तबादला हो चुका है। साथ ही लाइसेंस प्रक्रिया में समझने में कुछ प्राचार्र्यो को दिक्कते हैं। जिसके मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों के लिए दोबारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। जिसे संभवत: नवंबर के पहले सप्ताह में किया जा सकता है। हम प्राचार्र्यो से यह अनुरोध भी करेंगे कि वे ज्यादा से ज्यादा लाइसेंस बनाएं।
दिनेश कुमार जैन, आरटीओ





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tpthakur
Tuesday, 30th Oct 2007, 7:14
there are thousands of agents who arrange driving license to any body taking around 1000/- Rs AS CORRUPTION FEE WHICH IS DEFINITELY DISTRIBUTED AMONG RTO EMPLOYEESS & OFFICERS. GOVT SHOULD OPEN A OFFICE FOR EVERY 1 LAC POPULATION AT SUITABLE LOCATION. PUBLIC MONEY SHOULD BE SAVED FROM CORRUPT HANDS.