अजमेर. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि एटमी डील से नाराज वामपंथी दल यदि केंद्र सरकार से समर्थन
वापस लेते हैं तो भी यूपीए सरकार पर कोई संकट नहीं आएगा। उन्होंने कहा, हालांकि अभी मध्यावधि चुनाव की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है लेकिन फिर भी इलेक्शन हुए तो कांग्रेस मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है।
दूसरे दलों का समर्थन लेंगे
मेयो कॉलेज गल्र्स स्कूल के सालाना जलसे में शिरकत करने आए सिंह ने रविवार को कहा, फिलहाल वामपंथी दलों द्वारा समर्थन वापस लेने की कोई उम्मीद नहीं है लेकिन फिर भी यदि उन्होंने समर्थन वापस लिया तो भी यूपीए सरकार को कोई खतरा नहीं होगा। यूपीए के पास सरकार चलाने के लिए पर्याप्त बहुमत है, अगर जरूरत पड़ी तो दूसरे दलों का समर्थन भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा परमाणु संधि के मसले पर मध्यावधि चुनाव होने की आशंका नहीं है।
एटमी डील देश हित में
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एटमी डील देश के हित में है। सिंह ने कहा, भाजपा आज परमाणु करार का सबसे ज्यादा विरोध कर रही है, जबकि अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि पूर्ववर्ती एनडीए सरकार के समय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और रक्षा मंत्री जसवंत सिंह ने इससे कम शर्तो पर करार करने की सहमति दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट पार्टिर्र्यो का भी यही रवैया है जबकि केंद्र सरकार ने उनकी बताई नौ शर्तो को ही समझौते में शामिल किया है। डील के तहत भारत को परमाणु परीक्षण करने और एटमी शस्त्रों के भंडारण पर भी रोक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि चीन, पाकिस्तान, वामपंथी दलों और बीजेपी को समझना चाहिए कि परमाणु संधि भारत के हित में हैं।
इसलिए दुखी हैं प्रधानमंत्री
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह परमाणु करार को लेकर भाजपा के दोहरे चरित्र और वामपंथियों की वादाखिलाफी से दुखी हैं। बीजेपी ने सत्ता में रहते एटमी डील का समर्थन किया वहीं विपक्ष में रहते हुए इसका विरोध कर रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री वामपंथी दलों की वादाखिलाफी से भी दुखी हैं। पहले उन्होंने कुछ शतेर्ं बताते हुए समझौते पर सहमति दी थी। उनकी शर्तो को समझौते में शामिल करने के बाद भी वे इसका विरोध कर रहे हैं।
हरेन पांड्या हत्याकांड की दोबारा जांच हो
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस प्रकार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर गोधरा कांड के बाद दंगे भड़काने और गुजरात पुलिस के जरिए फर्जी एनकाउंटर कराने के आरोप लग रहे हैं इसको देखकर लगता है कि कहीं विधायक हरेन पांड्या की हत्या भी इसी तरह की साजिश का ही तो परिणाम नहीं थी। कांग्रेस पार्टी पांड्या हत्याकांड की जांच किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से कराने की मांग करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री ने संवैधानिक शपथ का हर कदम पर उल्लंघन किया है।
मोदी के खिलाफ मोदी का समर्थन !
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह से प्रेस वार्ता के दौरान मिलने पहुंचे भाजपा विधायक विष्णु मोदी को सिंह ने अपने नजदीक बैठाया। सिंह ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का हिंदुत्व का कार्ड अब नहीं चलेगा। मोदी से उनकी पार्टी के लोग ही नाराज हैं, जिसका समर्थन भाजपा विधायक विष्णु मोदी भी करते हैं। इतना कहते ही हॉल में बैठे लोगों ने एक साथ हंसी का ठहाका लगाया।