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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. इंडियन जर्नल आफ एनिस्थीसिया की एडीटर डा.प्रमिला बजाज का कहना है कि पेनलेस डिलीवरी (दर्द रहित प्रसव) से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आ सकती है। ग्वालियर प्रवास पर आईं डा. बजाज रविवार को दैनिक भास्कर से बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि नार्मल डिलीवरी (सामान्य प्रसव) में लेबर पेन के दौरान महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते हैं, इससे उसकी जान भी जा सकती है।
उनका कहना है कि निश्चेतना विशेषज्ञ नार्मल डिलीवरी में भी सामान्य निश्चेतना देकर महिला को दर्द से मुक्ति दिला सकता है और इसका मां एवं शिशु पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा। साथ ही डिलीवरी के दौरान मां भी तनाव व भयमुक्त रहेगी।
उनका कहना है कि अब देश के कई मेडिकल कालेजों के अस्पतालों में पेनलेस डिलीवरी की व्यवस्था हो गई है लेकिन केन्द्र सरकार को इसे देश के सभी सरकारी मेडिकल कालेजों के अस्पतालों में अनिवार्य कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि ‘मल्टी माडल पेन रिलीफ’ सिस्टम से अब मेजर आपरेशन के बाद मरीज को दर्द निवारक दवाओं के साइट इफेक्ट की आशंका नगण्य रह गई है।
इसके अलावा निश्चेतना विशेषज्ञ टर्मिनल कैंसर पेशेंट्स की जिंदगी दर्द रहित बना सकते हैं। जो कैंसर पेशेंट ठीक नहीं हो सकते हैं और तीव्र दर्द के कारण परेशान रहते हैं, उनकी संबंधित नस को ब्लॉक कर दिया जाता है, इससे उन्हें दर्द का एहसास नहीं होता है।