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जीप ने सैनिक को कुचला

ग्वालियर. विश्वविद्यालय थानाक्षेत्र में बाल भवन मैदान के सामने अनियंत्रित हुई लग्जरी जीप ने सेना के एक जवान को चपेट में ले लिया, जबकि दूसरा बाल-बाल बच गया। चपेट में आए जवान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वाहन चालक भाग निकला। पुलिस ने जीप जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

विश्वविद्यालय थानाक्षेत्र में स्थित डीआरडीई में पदस्थ 13 राष्ट्रीय रायफल के जवान महेन्द्र सिंह और सत्यवीर सिंह रविवार की सुबह पैदल-पैदल शासकीय कार्यवश बाल भवन के सामने से होते हुए सिटी सेन्टर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सिटी सेन्टर की ओर से आ रही जीप क्र. एमपी 07 एचए 5351 अनियंत्रित हो गई।

जीप ने पहले सैनिक सत्यवीर को चपेट में लिया फिर एक पेड़ से टकरा गई। सत्यवीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि इसका साथी महेन्द्र सिंह किसी तरह जीप के पहिए के नीचे आने से बच गया। जीप चालक मौके से भागने में सफल रहा।

सैनिक अड़े जीप ले जाने पर :
बाल भवन के सामने हुए हादसे के बाद कुछ पुलिस और सेना के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस जब जीप को जब्त कर थाने ले जाने लगी तो सेना के जवान इस बात पर अड़ गए कि जीप को वे अपने साथ ले जाएंगे और लापरवाही बरतने वाले ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई भी करेंगे। यहां पुलिसकर्मियों का कहना था कि चूंकि घटनास्थल मिलिटरी एरिया नहीं है, इसलिए कार्रवाई भारतीय दंड संहिता के अधीन होगी।

यहां मौजूद पुलिसकर्मी जब सेना के अफसर और जवानों को समझाने में कामयाब नहीं हो पाए तो उन्होंने अपने वरिष्ठ अफसरों से मार्गदर्शन लेना चाहा। पुलिस अफसर चूंकि एसपी ऑफिस में हो रही बैठक में शामिल थे, इसलिए उन्होंने पुलिसकर्मियों से कह दिया कि वे अपने स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिश करें।

जब मामला नहीं सुलझा तो टीआई मुरार डीएस कुशवाह मौके पर पहुंचे और सेना के अफसरों समझा-बुझाकर मामला सुलझाया। टीआई कुशवाह के मुताबिक चूंकि सेना के अफसर भी घटना की अलग से जांच करते हैं, इसलिए जीप थाने पहुंच जाने के बाद दोबारा घटनास्थल पर ले जाने की बात कह रहे थे, जिसे गलत समझ लिया गया।

सुबूत मिटाने की कोशिश :
हादसे के बाद जीप से उतरकर ड्राइवर तो भाग निकला लेकिन उसके संगी-साथियों ने भीड़ में रहकर जीप की नंबर प्लेट चुपचाप निकालकर ले जाने की कोशिश भी की। जब यह कोशिश सेना के अफसरों को पता चली तो वे जीप अपने साथ ले जाने पर अड़ गए।





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