बीकानेर. करवा चौथ सोमवार को है। इसलिए रविवार का दिन खरीदारी के नाम रहा। बाजार में खासी भीड़ रही और पति ने खासतौर से अपनी पत्नी की पसंद की
साडी दिलवाई। करवाचौथ का कठिन व्रत करने वाली पत्नियों के प्रति अपनी भावनाएं जताने का यह अवसर पतियों ने नहीं छोड़ा तो कुछ पति चुपचाप मार्केट गए और अपनी पत्नी के लिए सरप्राइज गिफ्ट खरीद लाए।
लेड़ीज घड़ी, परफ्यूम की भी डिमांड थी वहीं ज्वैलरी में मंगलसूत्र, टॉप्स, अंगूठी, बाली की मांग थी। साड़ियों की दुकान पर भीड़ को देखते हुए एक्सट्रा स्टाफ लगाना पड़ा। करवाचौथ को देखते हुए यह व्यवस्था पहले ही कर ली गई थी। गिफ्ट-शॉप पर भी ऐसा ही माहौल था। शॉप वालों का कहना था कि पिछले दो सालों में सरप्राइज आइटमों के प्रति क्रेज बढ़ा है जिसके कारण बाजार में कई कम्पनियों ने अपने आइटम भी लांच किए हैं। हालांकि दो साल पहले खास करवाचौथ वाले कार्ड भी आए थे लेकिन इन्हें रेस्पांस नहीं मिला। यही कारण है कि इस बार कम्पनियों ने ग्रीटिंग कार्ड बाजार में उतारे ही नहीं।
आमतौर पर साड़ी खरीदने का कार्य महिलाएं ही करती है लेकिन रविवार को पुरुष यह कार्य करते देखे गए। कईयों ने गिफ्ट करने के लिए अपनी पसंद की साड़ी खरीदी तो कुछ लोग पत्नी को साथ लेकर आए। गिफ्ट आइटमों और साड़ी की खरीद के साथ-साथ ज्वैलरी आइटमों की जोरदार डिमांड रही।
सर्राफा व्यवसायी बजरंग सोनी ने बताया कि इस बार मंगलसूत्र के साथ-साथ कानों के टॉप्स और नाक की बाली की अधिक ब्रिकी हो रही है। चूंकि करवाचौथ का व्रत भावनात्मक रूप में काफी अहमियत रखता है, इसलिए पति आइटम खरीदते समय महंगा-सस्ता नहीं सोचता।
संगम गिफ्ट सेंटर के मुकेश भाटिया ने बताया कि इस बार ग्रीटिंग कार्ड नहीं आए हैं। पति गिफ्ट के रूप में सौंदर्य प्रसाधन के सामान को वरीयता दे रहे है वहीं इंटीरियर डेकोरेशन के आइटम भी ले रहे हैं। इनमें विंड चेन, सिनरी, फ्लावर पोट आदि प्रमुख है। करवाचौथ का व्रत कठिन होने की वजह से यह नया ट्रेंड निकला बताते हैं ताकि पत्नी को लगे कि जिसके लिए वह व्रत कर रही है वह भी उसके लिए सोचता है। लिहाजा, इस भावना को कैश करने के लिए बाजार ने पूरी तैयारी की। बाजार का आकलन है कि सोमवार दोपहर तक करवाचौथ की खरीदारी होगी।
एडवांस आर्डर बंद, रेडीमेड का जमाना
पहले जहां इस दिन के लिए एडवांस में आर्डर देते थे वहीं अब रेडीमेड का समय है। ज्वैलरी शॉप जाओ और अपनी पसंद का आइटम खरीद लो। मंगलसूत्र सबसे अधिक बिक रहे हैं। बाजार में कई डिजाइनों के मंगलसूत्र मिल रहे हैं। इनमें आक्साइड वाले मंगलसूत्रों की अधिक पूछ हैं। शाइनिंग देने वाले ये मंगलसूत्र एंटीक लुक देते हैं। यही वजह है कि ये आकर्षक लगते हैं और अधिक बिकते हैं।
व्रत का विधान
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला करवाचौथ व्रत स्त्रियों का सर्वाधिक प्रिय व्रत है। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां पति के स्वास्थ्य, दीर्घायु, और मंगल की कामना करती है। यह व्रत सौभाग्य और शुभ संतान देने वाला है।
इस व्रत को करने वाली स्त्रियां प्रातकाल: स्नानआदि के बाद आचमन करके पति, पुत्र, पौत्र तथा सुख सौभाग्य का संकल्प लेकर यह व्रत करती है। ज्योतिर्विद हरिनारायण व्यास ‘मन्नासा’ ने बताया कि इस व्रत में शिव-पार्वती, श्री कार्तिकेय, श्री गणोश और चंद्रमा का पूजन किया जाता है। इस दिन स्त्रियां निर्जल व्रत करती है। सायंकाल स्त्रियां नहा-धोकर समस्त वस्त्राभूषण, श्रंगार आदि करके शिव-पार्वती, कार्तिकेय और श्री गणोश तथा चौथ माता का पूजन करती है। पूजन में एक मिट्टी का करवा अवश्य होना चाहिए। इसमें जल भरा होता है। पूजन के बाद स्त्रियां करवाचौथ व्रत की कथा सुनती है और चंद्रोदय की प्रतीक्षा करती है।
चंद्रोदय होने पर उसकी पूजा करके अघ्र्य देती है। इसके बाद सभी स्त्रियां अपने से बड़ी स्त्रियों के पैर छूकर आशीर्वाद लेती है। फिर प्रत्येक स्त्री घर आकर पति के चरण स्पर्श करती है। तत्पश्चात पति उस करवे से पत्नी की अंजुली में जल डालता है और पत्नी तभी जल ग्रहण करती है। इसके बाद स्त्रियां भोजन आदि ले सकती है। इस दिन स्त्रियां सुहाग सामग्री का दान करती हैं।
करवाचौथ की कथा
साकपृष्ठपुर के वेद धर्मा ब्राह्मण की विवाहिता पुत्री वीरवती ने कर्क चतुर्थी का व्रत किया था। नियम यह था कि चंद्रोदय के बाद भोजन करे,पंरतु भूख नहीं सही गई और वह व्याकुल हो गई। तब उसके भाई ने पीपल की आड में महताब (आतिशबाजी) आदि का सुंदर प्रकाश फैलाकर चंद्रोदय दिखा दिया। और वीरवती को भोजन करवा दिया। परिणाम यह हुआ कि उसका पति तत्काल अलक्षित हो गया और वीरवती ने 12 महीने तक प्रत्येक चतुर्थी का व्रत किया्र, तब उसका पति उसे पुन: प्राप्त हुआ।
जमीन की रजिस्ट्री पत्नी के नाम
करवाचौथ के दिन कई पति अपनी पत्नी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करवाने की योजना बना रहे है। जयपुर रोड, जैसलमेर रोड पर नई डवलप हो रही कॉलोनियों में रविवार को कई लोगों ने इस बारे में जानकारी ली। डवलपर का कहना है कि कई लोगों ने जमीन की कागजी कार्रवाई सोमवार को ही करवाने की बात कही। साथ ही दोपहर तक पूरे कागजात भी मांगे है ताकि शाम को वे सरप्राइज के रूप में यह कागजात अपनी पत्नी को गिफ्ट कर दें।
चंद्रोदय रात 8.34 बजे
सोमवार को रात्रि 8 बजकर 34 मिनिट और 34 सेकंड पर चंद्रोदय होगा। उन्होंने बताया कि इसी दिन दशरथी का पूजन भी करेंगे।