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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. वन अमला जखौदा में लाचार खड़ा देखता रहा और पत्थर कारोबारियों ने छह ट्रकों में रखे अवैध पत्थर पर ठप्पा लगाकर वैध बना डाला। इन ट्रकों को बाहर भी निकाल दिया गया। डांडाखिरक गांव में 15 ट्रक अवैध पत्थर रखा पाया गया था। उसके बाद माइनिंग व वन अमले ने परीक्षण कर पत्थर को अवैध बताया और पंचनामा भी तैयार किया गया। अधिकारी दावा करते रहे कि गांव में रखे पत्थर को नहीं निकलने दिया जाएगा।
कुछ दिनों तक तो वे सतर्क रहे, और वैध पत्थर से लदे ट्रकों की संख्या प्रतिदिन 7 से 8 हो गई। बताया गया कि रविवार को जखौदा में रेहट वन चौकी का स्टाफ वैध पत्थर पर सील लगा रहा था, इसी बीच माफिया के कारिंदों ने वन अमले का ठप्पा छीनकर छह ट्रक अवैध पत्थर पर इसे लगा दिया और मौके से ट्रकों को रवाना कर दिया। वन अमले ने इस घटना के बाद भी माफिया के खिलाफ मामला भी दर्ज नहीं कराया है।
ठप्पा लगाने वालों ने ही दो दिन पहले वन अमले को खदेड़ा था, वन अधिकारी उसकी रिपोर्ट भी आज तक नहीं दर्ज करा सके। सूत्र बताते हैं कि 28 ट्रक पत्थर निकाले गए, हालांकि पत्थर निकाले जाने की सूचना आला अफसरों को थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पत्थर निकलने का ग्राफ बसौटा बैरियर के रिकार्ड में आने के पश्चात एसडीओ जीपी तिवारी भड़क उठे। उन्होंने बैरियर का रजिस्टर अपने कब्जे में लिया।
>> डांडाखिरक गांव के साहब सिंह, हरकंठ व राजेन्द्र सिंह का भाई दिलीप सिंह व पांच अन्य लोगों ने जबरदस्ती वन अमले की सील छीन कर छह ट्रकों पर लदे अवैध पत्थरों पर लगा कर वाहन निकाल दिए हैं। रविवार को 28 ट्रक पत्थर बसौटा बैरियर से निकले हैं। उसकी जांच होगी और जबरदस्ती करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए रेंजर एसएल जयंत को निर्देश दे दिया गया है।
—जीपी तिवारी, एसडीओ उत्तर घाटीगांव