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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur पेंड्रा. मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ के लगभग छह सौ जवानों ने अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर छत्तीसगढ़ राज्य के गौेरेला थाने से लगे अनूपपुर जिला मध्यप्रदेश प्रदेश के गांव कपरिया , लहसुना , पोंड्री आदि गांवों व गांव से लगे जंगलों में दो दिनों तक सघन रूप से सर्चिग की। उक्त गांवों में आने जाने वाले बाहरी लोगों के संबंध में पूछताछ की गई।
जवान छत्तीसगढ़ राज्य के गुम्माटोला, चिकनी, पंडरीपानी, बेंदरापानी आदि गांवों के लगे जंगलों व पहाड़ों में भी गश्त करते देखे गए। उक्त गांवों की आबादी बहुत कम है तथा यह जंगलों के मध्य बसा हुआ है। यहां पर मूल रूप से गोंड़ व बैगा आदिवासी ही निवास करते हैं।
राज्यों व तहसील के बंटवारे के बाद भले ही उक्त गांव अलग - अलग राज्यों में हो गए हों परंतु यह गांव बहुत ही कम दूरी पर है। उक्त गांवों में बहुत से ऐसे किसान भी हैं, जिनकी खेती दोनों राज्यों के गांवों में पड़ती है। मूलत: सीधे साधे स्वभाव वाले उक्त गांवों व जंगलों में बसे आदिवासियों को अपने आसपास हथियारों से लैस जवानों को देखकर काफी आश्चर्य भी हुआ।
एक वर्ष पूर्व केंदाकारीराम के मध्य घाट में आधे दर्जन बंदूकों की लावारिस स्थिति में जब्ती व जोगीसार में वर्दीदारी हथियारबंद बाहरी लोगों द्वारा ग्रामीण से रात्रि में मारपीट करने व केंदा के आसपास एक वर्ष पूर्व नक्सली पर्ची मिलने की घटना ने क्षेत्र में नक्सली आहट की गतिविधियों की ओर इशारा कर ही दिया था।