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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. धान और चावल का अवैध परिवहन करने के कारण जिला प्रशासन ने छह राइस मिलों को ब्लेक लिस्टेड किया है। इन मिलर्स को इस बार मिलिंग का काम नहीं दिया जाएगा। धान खरीदी के बाद आमतौर पर राइस मिलर्स के माध्यम से सहकारी समितियों से आमतौर पर मिलर्स के माध्यम से इसका परिवहन कराया जाता है।
मिलर्स धान से चावल बनाकर खाद्य आपूर्ति निगम को देते हैं और इसके एवज में उन्हें भुगतान भी मिलता है। यह काम ऐसे ही मिलर्स को देने का प्रावधान है, जिनका धान परिवहन का रिकार्ड सही हो। वे निर्धारित की गई मात्रा में धान का उठाव करें और उसी अनुपात में चावल भी वापस करें।
इस काम में गड़बड़ी करने वाले मिलर्स को दोबारा यह काम नहीं दिया जाता। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल में गड़बड़ी करने वालों को भी इस काम के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है।
इसी क्रम में जिला प्रशासन ने पेंड्रा, बेलगहना की कुछ राइस मिल को प्रतिबंधित किया है। इनमें पेंड्रारोड की जय बजरंग राइस मिल, आकाश राइस मिल, गोपाल आधुनिक राइस मिल, मिनी राइस मिल, सुभाष गोयनका राइस मिल और नरेंद्र राइस मिल शामिल हैं।
इनमें से नरेंद्र राइस मिल में हाल में हाल ही में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का एक ट्रक चावल और राशन बरामद किया गया था। बाकी राइस मिलर्स को भी इसी तरह की गड़बड़ियों की वजह से प्रतिबंधित किया गया है।
राइस मिलर्स ने शुरू की परिवहन की तैयारी
जिले के राइस मिलर्स ने धान खरीदी के बाद होने वाली मिलिंग के लिए धान उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में लगभग डेढ़ सौ मिलर्स हैं। प्रक्रिया के अनुसार वे मार्कफेड में पंजीयन करा रहे हैं।
साथ ही धान ट्रकों में लादने के लिए भी उन्होंने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा लगभग सौ राइस मिलर्स का पिछली बार किए गए परिवहन का भुगतान नहीं मिला है। उनके द्वारा इसके लिए भी आवेदन दिया गया है।