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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
पति की लंबी उम्र व दांपत्य जीवन सुख से व्यतीत होने की कामना लिए सोमवार को सौभाग्यवती महिलाएं करवाचौंथ का व्रत रखेंगी। महिलाओं के सौभाग्य के इस त्योहार के लिए श्रृंगार सामग्री से लेकर पूजा-अर्चना के लिए करवा आदि की खरीददारी कर ली गई है। सोमवार की प्रात: उठकर नहा-धोकर भगवान गणोश की पूजा की जाएगी।
सारा दिन महिलाओं द्वारा निर्जला व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत तोड़ा जाएगा। इस दिन सुबह व शाम दोनों समय भगवान में कच्ची और पक्की रसोई का भोग लगेगा। सुबह चावल, रोटी, सब्जी आदि का भोग लगेगा। इसे कच्ची रसोई कहते हैं। शाम को पूड़ी-कचौरी का भोग लगाया जाएगा।
रात में चंद्रोदय होने पर चंद्र को अध्र्य देकर पूजा की जाएगी। अध्र्य में टूथ-पानी, तुलसी, दूध, फूल आदि से चांद देखकर पूजा की जाएगी। चंद्र दर्शन के बाद करवे के साथ पूजा की जाती है, जिसमें दो करवों में भोग लगाकर करवाचौथ की कहानी का पाठकर आरती की जाएगी। इसी भोग को खाकर महिलाएं व्रत तोड़ेंगी।
पंडित रमाकांत मिश्र के अनुसार महिलाएं गणोश भगवान की प्रसन्नता के लिए व्रत रखती हैं। चंद्र देव को अध्र्य देकर पति से वियोग, जीवन में कलह न होने और संतान व संपत्ति से परिपूर्ण होने की कामना करती हैं। पंडित मिश्र ने 29 अक्टूबर को रात्रि 8 बजकर 2 मिनट में चंद्रोदय होने की बात कही। इस समय महिलाएं चंद्रदेव की पूजा कर सकती हैं।