
नई दिल्ली. अमेरिका में भारत के राजदूत रोनेन सेन ने सोमवार को यहां लोकसभा अनुग्रह समिति के सामने माफी मांगी।
भारत और अमेरिका के बीच हुए 123 नागरिक परमाणु करार के सिलसिले में आपत्तिजनक बयानबाजी करने को लेकर विवादों में घिर गए रोनेन सेन लोकसभा प्रिविलेज समिति के सामने आज पेश हुए। गौरतलब है कि इस करार का विरोध करने वाले सांसदों को सेन ने हैडलैस चिकन की संज्ञा दी थी जिसका काफी विरोध हुआ था।
समिति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पैनल सेन की माफी से संतुष्ट हो गया है और अब कोई अन्य कार्रवाई न करने का फैसला लिया गया है। हालांकि समिति के अध्यक्ष वी किशोरचंद्र देव ने इस बारे में कुछ भी कहने से इंकार किया और यही बताया कि वे अपनी रिपोर्ट सदन में देंगे।
बताया गया है कि सेन ने समिति के सवालों के जवाब फोन वार्ता के दौरान दिए हालांकि यह कोई इंटरव्यू नहीं था। सेन से सवाल सीपीआईएम के वर्कला राधाकृष्णन ने पूछे। संसद के इतिहास में यह शायद पहली बार हुआ है जबकि देश के टॉप कूटनीतिक को अपने आपत्तिजनक बयानों को लेकर सांसदों के सामने पेश होना पड़ा हो।
सेन इसी तरह की सुनवाई के लिए राज्य सभा प्रिविलेज समिति के सामने आगामी 2 नवंबर को पेश होंगे। गौरतलब है कि उनके बयानों के बाद संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ था।
संसद का शीलकालीन सत्र 15 से :
संसद का शीतकालीन सत्र आगामी 15 नवंबर से 7 दिसंबर तक आयोजित होगा।