HomeNewsNational National

बेटे नहीं बनेंगे नेता : लालू

पटना. राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो और केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव यूं तो पहले अपनी पत्नी को राजनीति में ला चुके हैं लेकिन अपने बेटों के बारे में उनकी राय अलग है। वे अपने दोनों बेटों को राजनीति में नहीं लाना चाहते और इसी बारे में उन्होंने कहा कि दोनों उभरते हुए क्रिकेटर हैं।

लालू ने घोषणा करने के अंदाज में कहा कि ‘मैं दोनों बेटों को राजनीति में आने की इजाजत नहीं दूंगा।’ पटना में रविवार को पार्टी के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के बीच चेतावनी रैली में पहली बार लालू ने अपने दोनों बेटों का परिचय कराया और वह भी क्रिकेट खिलाड़ियों के रूप में।

अपना भाषण खत्म करने के कुछ पहले लालू ने साफ तौर पर कहा ‘यह है तेजप्रताप और यह है तेजस्वी। दोनों क्रिकेटर हैं और अच्छे खिलाड़ी हैं। मैं इजाजत नहीं दूंगा कि दोनों राजनीति को अपना कैरियर बनाएं।’ इससे पहले मीडिया में कहा गया था कि लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे निकट भविष्य में राजनीति के मैदान में उतर सकते हैं।

घोषणा के बाद क्या हुआ!
लालू द्वारा अनपेक्षित रूप से अपने बेटों का परिचय कराने के समय रैली में मौजूद उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के चेहरे पर मुस्कराहट देखी गई। रैली में यह घोषणा कुछ केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी में हुई। इस घोषणा के बाद लालू के दोनों बेटों ने बड़े ही सलीके से भीड़ का हाथ जोड़कर अभिवादन किया, बिल्कुल किसी नेता के अंदाज में।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 

आपके विचार
krishna kant
Wednesday, 31st Oct 2007, 19:57
Laloo ke dono ladke rajneeti me na ghuse to hum Indians aur is desh par badi kirpa hogi.