सम्पादकीय. आगामी दिसंबर में अर्जेटीना में ऐसा अनोखा सत्ता हस्तांतरण होने जा रहा है जो दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक देश में पहले कभी देखा-सुना नहीं गया। दिसंबर में जब अर्जेटीना के लोकप्रिय राष्ट्रपति 57 वर्षीय नेस्टर कर्शनर अपनी करिश्माई सीनेटर पत्नी 54 वर्षीय क्रिस्टीना फर्नाडीज डी कर्शनर को देश की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति के रूप में सत्ता हस्तांतरित कर रहे होंगे, तो वे नया इतिहास रच रहे होंगे।
दुनिया के आठवेंं बड़े और फुटबॉल के दीवानों के देश अर्जेटीना के राष्ट्रपति चुनाव में क्रिस्टीना की प्रभावी जीत का बहुत कुछ श्रेय वामपंथी रुझान वाले नेस्टर की नीतियों को जाता है, जो चार साल के अपने शासन में दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई देश की अर्थव्यवस्था को न केवल फिर से पटरी पर लाए बल्कि नई पेंशन और टैक्स नीतियां लागू कर गरीबों का समर्थन हासिल करने में कामयाब रहे।
दुनियाभर में जब निजीकरण का दौर चल रहा था तब नेस्टर ने सरकारीकरण की नीतियां लागू कर आठ फीसदी विकास दर हासिल करने का कमाल कर दिखाया। 70 प्रतिशत रेटिंग के साथ लोकप्रियता के शिखर पर विराजमान नेस्टर बहुत आसानी से एक और कार्यकाल के लिए जनादेश प्राप्त कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा करने की बजाय अपनी भरोसेमंद सलाहकार व सीनेटर पत्नी क्रिस्टीना को चुनाव मैदान में उतारा। उनका यह दांव कामयाब रहा और क्रिस्टीना 43 फीसदी वोट हासिल कर पहले ही दौर में राष्ट्रपति चुन ली गईं।
कुछ विशेषज्ञ अभी से क्रिस्टीना की जीत को नेस्टर के दूसरे कार्यकाल के रूप में देख रहे हैं जिसमें कुछ गलत भी नहीं है। जिस तरह क्रिस्टीना अब तक नेस्टर के सबसे भरोसेमंद सलाहकार की भूमिका निभाती आई हैं वैसे ही नेस्टर अब क्रिस्टीना के सलाहकार की भूमिका निभाएंगे। यह देखना रोचक होगा कि राष्ट्रपति के रूप में क्रिस्टीना पति की बनाई लीक पर ही चलती हैं या फिर कुछ नया भी करती हैं।
नेस्टर-क्रिस्टीना की जोड़ी कुछ हद तक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और सीनेटर हिलेरी क्लिटंन से समानता रखती है। हिलेरी और क्रिस्टीना दोनों ही पेशे से वकील रही हैं और दोनों के पति राष्ट्रपति चुने जाने से पहले गवर्नर थे।
क्रिस्टीना की तरह हिलेरी अमेरिका की राष्ट्रपति चुनी जाती हैं या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा। क्रिस्टीना ने हमारे करवा चौथ का माहात्म्य भले ही न सुना हो पर ऐन इस व्रत के दिन उनके निर्वाचन की खबर आना एक अद्भुत संयोग है। मतदाताओं की मदद से पति नेस्टर ने उन्हें जीत रूपी जो उपहार दिया है वह हर तरह से अनोखा है।