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महापौरों के अधिकार बढ़ेंगे

ग्वालियर. शासन अब महापौरों व निगम के अधिकारों में वृद्धि करने पर विचार कर रहा है। इस क्रम में सोमवार को भोपाल में नगरीय प्रशासन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सभी निगमों के महापौरों की बैठक आयोजित की जिसमें उनसे सुझाव मांगे गए। इसके अलावा श्री मिश्रा ने एडीबी प्रोजेक्ट के कार्यो की भी समीक्षा की।

महापौरों की बैठक में चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि प्रदेश में नगर निगमों का संचालन काफी पुराने नियमों के आधार पर हो रहा है। अब बढ़ते शहरीकरण के कारण निगमों के संचालन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई कि नगर निगम सीमा के भीतर उपलब्ध भूमि निगम के सुपुर्द की जाए जिससे निगमों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो।

बैठक में कहा गया कि आने वाले समय में नगर निगमों वाले शहरों में पेयजल का संकट खड़े होने के आसार हैं, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए निगमों द्वारा अभी से कदम उठाए जाएं जिससे भविष्य में परेशानी न हो। बैठक में महापौरों की शक्तियों को बढ़ाने के बारे में भी सुझाव दिए गए। इन सुझावों के आधार पर शासन निगम के लिए जल्द ही नई नीति तैयार करेगा।

बैठक में ग्वालियर महापौर विवेक शेजवलकर के प्रतिनिधि के रूप में एमआईसी सदस्य रविन्द्र सिंह राजपूत ने हिस्सा लिया। इससे पहले श्री मिश्रा ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के ऋण से प्रदेश के चारों महानगरों में किए जा रहे विकास कार्यो की समीक्षा की।

श्री मिश्रा ने कहा कि एडीबी की किस्त प्राप्त करने के लिए निगमों को अपना शेयर भी देना होगा। ऐसी स्थिति में सभी निगमों को अभी से तैयारी करना पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यदि इसके लिए किसी योजना में ऋण लेने की जरूरत पड़े तो निगमों को अभी से कार्रवाई प्रारंभ कर देनी चाहिए।

श्री मिश्रा ने ग्वालियर में एडीबी के कार्यो के बारे में कहा कि यहां की प्रगति संतोषजनक है और निगम ने 25 करोड़ रुपए संपत्तिकर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जो कि सराहनीय है। इससे ग्वालियर नगर निगम को एडीबी के लोन के लिए अपना शेयर देने में आसानी रहेगी। इस बैठक में ग्वालियर की ओर से प्रोजेक्ट उदय के मैनेजर केके श्रीवास्तव ने हिस्सा लिया।





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