भोपाल. राज्य सरकार मकान मालिक और किराएदारों के हितों के संरक्षण के लिए शीघ्र नया कानून बनाने जा रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा नई आवास नीति के मुताबिक किराए पर देने के लिए मकान बनाने की नीति को प्रोत्साहित करने की है। इस विधेयक का प्रारूप बनकर तैयार हो गया है।
प्रस्तावित मप्र किराएदार विधेयक पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव राकेश साहनी की अध्यक्षता में सोमवार को वरिष्ठ सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन मुख्य सचिव की अस्वस्थता के चलते यहस्थगित हो गई।
नए विधेयक में महत्वपूर्ण प्रावधान यह किया जा रहा है कि अगर किसी किराएदार का असामयिक निधन हो जाए, तो उसके आश्रित अधिकतम दो साल तक उसी मकान में किराए से रह सकेंगे। लेकिन मृतक के आश्रितों को समय से किराया चुकाना होगा।
किराए के अनुबंध एक साल के लिए होंगे, बाद में दोनों की सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। किराए की दर और शर्त के बारे में भी इस विधेयक में प्रावधान किए गए हैं।
विधि विभाग ने लगाई मुहर
खासतौर से नए कानून में मकान मालिक और किराएदार दोनों के ही हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस विधेयक के प्रारूप पर विधि विभाग ने अपनी मुहर लगा दी है। वरिष्ठ सचिव समिति की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को विधानसभा के अगले सत्र में लाया जाएगा।