भोपाल.
पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं मप्र मानव अधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस जीजी सोहनी का सोमवार तड़के मुंबई के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे। उनकी इच्छानुसार चिकित्सा अनुसंधान हेतु उनकी देह का दान किया गया।
श्री सोहनी इंदौर के रहने वाले थे। वे कुछ समय मप्र के राज्यपाल भी रहे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद श्री सोहनी को राज्य सरकार ने कई जिम्मेदारियां दी थीं। जिसके चलते वे पिछले 10-15 वर्र्षो तक भोपाल में रहे।
कांग्रेस के शासनकाल में उन्हें मप्र में राजनेताओं-नौकरशाहों एवं अपराधियों के गठजोड़ की जांच के लिए गठित एक-सदस्यीय आयोग- में नामांकित किया गया था। फिर उन्हें मानव अधिकार आयोग, उपभोक्ता प्रतिशोषण आयोग, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बने सरदार सरोवर शिकायत निवारण प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया, जिस पद से वे हाल ही में मुक्त हुए थे।
सुन्दरलाल पटवा सरकार ने उन्हें चुरहट लॉटरी घोटाले की जांच का जिम्मा भी दिया था, किन्तु किसी राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते उन्होंेने तुरंत इस्तीफा दे दिया था। श्री सोहनी एक अत्यंत विद्वान, ईमानदार एवं अपने सिद्धांतों पर अटल रहने वाले न्यायमूर्ति के रूप में जाने जाते थे। उनके पीछे वे एक पुत्री चित्रा एवं पुत्र सचिन हैं। दोनों आस्ट्रेलिया में बस गए हैं। श्री सोहनी की पत्नी का देहावसान चार वर्ष पूर्व भोपाल में हुआ था।