जयपुर. रिजर्व बैंक ने बाजार में ऐसे सौ के नोट जारी कर दिए हैं, जिनमें छपाई की गंभीर गलती है। नोटों की कई स्तर पर बारीकी से जांच करने वाले सरकारी तंत्र की पकड़ में भले ही कोई गलती नहीं आती हो, लेकिन बाजार में व्यापारी तत्काल गलती पकड़ लेते हैं। कई दुकानदार इन सौ के नोटों को नकली बताते हुए ग्राहक को लौटा देते हैं, जिससे ग्राहक को शर्मिदगी झेलनी पड़ती है।
ऐसे हुआ खुलासा :
चांदपोल निवासी रामचंद्र ने करीब तीन महीने पहले सरकारी बैंक में अपने खाते से दस हजार रुपए निकलवाए। बैंक से मिले सौ-सौ के नोट लेकर वे रामचंद्र बाजार में सामान खरीदने गए तो दुकानदार ने नोट नकली बताते हुए लौटा दिए।
रामचंद्र ने सभी नोटों को बारीकी से देखा तो एक ही नोट में दो नंबरों की सीरीज दिखी। इसके बाद रामचंद्र ने वे नोट वापस बैंक में जमा कराने के बजाय उनका संग्रह शुरू कर दिया। तीन महीने में उनके पास छपाई की गलती वाले 15 हजार रुपए के नोट इकट्ठा हो गए हैं।
>> कई बार मिस प्रिंटिंग वाले नोट उपभोक्ता के पास चले जाते हैं, लेकिन रिजर्व बैंक ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रदेश में 298 मुद्रा तिजोरियों की स्थापना कर रखी है, जहां मिस प्रिंटिंग वाले नोट व गंदे, कटे-फटे नोटों को बदलवाया जा सकता है।
—डी.सी.बंसल सहायक महाप्रबंधक, रिजर्व बैंक