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सोने पर फिर आया दिल!

अजमेर. सोना शुरू से ही लोगों की खास पसंद रहा है। निवेश का मामला हो या फिर सजने-संवरने का, इसकी चमक सभी को लुभाती है। इसके साथ यदि दीपावली का त्योहार और हो तो फिर सोने पर सुहागा।

पिछले 26 सालों में सोने की कीमत भले ही सबसे ज्यादा हो गई हो लेकिन इसके बाद भी दीवाली और शादियों का सीजन करीब होने के कारण इसकी डिमांड बढ़ती जा रही है। सर्राफा बाजार में जबरदस्त उछाल है, ऐसे में आने वाले दिनों में यदि सोने के दाम और बढ़ जाएं तो कोई आश्चर्य नहीं।

इस बारे में ज्वैलर संजय शर्मा का मानना है कि शेयर मार्केट, रीयल एस्टेट और क्रॉस करेंसी जैसे निवेश के विकल्पों की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है, ऐसे में ज्यादातर की निगाह सोने पर आकर ही ठहर जाती है। वे कहते हैं कि दाम बढ़ने के कारण फिलहाल भले ही अंतरराष्ट्रीय हों लेकिन आने वाले कुछ हफ्तों में देशी बाजार में बढ़ने वाली मांग भी इसकी प्रमुख वजह बनेगी।

निवेश के लिए गोल्ड ‘फाइन’
शेयर बाजार में पिछला हफ्ते भारी उथल-पुथल रही, और ये हालात निवेशकों के मन में सोने के प्रति फिर से आकर्षण पैदा कर रहे हैं। सुशील वर्मा बताते हैं कि ‘फाइन-गोल्ड’ (कलदार, बिस्कुट और सिल्ली) हमेशा से निवेशकों की पसंद रहा है। शहर के जो लोग लोग टर्म में निवेश करना चाहते वे कलदार को बेहतर मानते हैं, वहीं शॉर्ट टर्म निवेशक बिस्कुट खरीदने को उत्सुक रहते हैं।

पिछले तीन महीने में इसके दाम 25 प्रतिशत बढ़ गए हैं, सोने में निवेश करने वालों को यह तथ्य और भी ललचाता है। ज्वैलर अशोक तोषनीवाल का कहना है कि अजमेरवासी एक पंथ दो काज की थ्योरी में विश्वास रखते हैं। वे गहने खरीदते हैं तो उसके पीछे निवेश की नीयत भी होती है।

शादी में सोना ही सोना
पूरे भारत की तरह अजमेर में भी शादियों के दौरान सोने की बिक्री चरम पर होती है। सर्राफा व्यापारी अशोक शर्मा कहते हैं एक आम शहरी शादी के मौके पर सोने के जेवर खरीदना उतना ही जरूरी समझता है, जितना शादी का सूट। इसी वजह से सावों के दौरान मांग बढ़ती है और दाम भी। बढ़े दामों से सिर्फ खरीदी जाने वाली सोने की मात्रा पर फर्क पड़ता है, यह जरा कम हो जाती है।

युवाओं में ज्वैलरी का भी क्रेज
‘सोने के गहनों में पहले के मुकाबले काफी अलग और नए डिजाइन आने लगे हैं, यही वजह है कि युवाओं में इनके प्रति क्रेज बढ़ा है’, कहते हैं ज्वैलर सुशील वर्मा। वे बताते हैं कि आज डायमंड स्टैंडर्ड से लेकर ब्रांडेड तक, कई तरह के जेवर उपलब्ध हैं। अब इनके लिए पहले की तरह ऑर्डर भी नहीं देना पड़ता। इन्हीं वजहों से ये युवाओं को भी लुभा रहे हैं।

ब्रांडेड ज्वैलरी की लोकप्रियता बढ़ी!
यूथ जो मार्केट का ट्रेंड सेटर है, उसके लिए कई ब्रांड खास किस्म की ज्वैलरी तैयार कर रहे हैं। ये युवाओं को पसंद भी आ रही हैं। संजय शर्मा बताते हैं कि ब्रांडेड ज्वैलरी वाले चाहे जितनी मार्केटिंग कर लें लेकिन इस मामले में युवा अपने अभिभावकों के अनुभव को ज्यादा महत्व देते हैं।

वैसे वे स्वीकारते हैं कि ब्रांडेड ज्वैलरी मार्केट में अपनी जगह बना रही है और उनके पास आने वाले कस्टमर्स में 20 प्रतिशत इसे पसंद कर रहे हैं। लेकिन अशोक तोषनीवाल की राय जरा अलग है। उनके अनुसार नई डिजाइन वाली ब्रांडेड ज्वैलरी में रिटर्न कम होता है। इसलिए इसकी लोकप्रियता बढ़ने में अभी समय है।





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