पुष्कर.
हां, मतभेद हैं : कटारिया
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सत्ता एवं संगठन में मतभेद को स्वीकार करते हुए कहा कि अपना पक्ष संगठन में जहां रखना है वहीं रखेंगे। कटारिया ने कहा कि असंतुष्ट मंत्री और विधायक प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नहीं गए। यह सार्वजनिक हो गया है, लिहाजा स्वीकार करने में हर्ज नहीं है कि सत्ता व संगठन में मतभेद हैं।
कटारिया सोमवार को पुष्कर में खबरनवीसों से मुखातिब थे। प्रदेश प्रभारी गोपीनाथ मुंडे के असंतुष्ट गुट के खिलाफ कार्रवाई के बयान पर उन्होंने कहा, कार्रवाई उन्हें करनी है, मुझे पक्ष जहां रखना है वहां रख दूंगा। सत्ता एवं संगठन में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा, यह मेरे हाथ में नहीं है। आडवाणी से मुलाकात नहीं करने को क्या माना जाए, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे बहिष्कार नहीं मानना चाहिए।
सामना होने से बचे :
गृहमंत्री ने पुष्कर में मुख्यमंत्री के आने से एक घंटे पहले ही जयपुर लौट गए। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के तौर पर आए कटारिया को जानकारी थी कि उद्घाटन में मुख्यमंत्री आने वाली हैं। लेकिन, वे दोपहर तीन बजकर दस मिनट पर जयपुर लौट गए।
रवानगी से पहले उन्होंने सफाई दी कि जयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेना है, इसलिए वे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का पहले दोपहर तीन बजकर दस मिनट पर ही पुष्कर हेलीपेड पहुंचने का कार्यक्रम था, लेकिन राष्ट्रपति को विदा करने के कारण वे शाम सवा चार बजे पुष्कर पहुंची।
कोई फर्क नहीं पड़ता: सीएम
अजमेर.
सरकार के कामकाज पर असंतुष्टों की गतिविधियों का कोई असर नहीं है। सरकार को अपना काम करना है और काम निरंतर होते रहेंगे। यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार को पुष्कर में ‘भास्कर’ द्वारा पूछे सवाल के जवाब में कही।
कल ही.. नहीं-नहीं :
मंत्रिमंडल में फेरबदल के सवाल पर पहले तो उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा ‘कल ही कर रही हूं।’ फिर एक कदम चलकर वे पीछे मुड़ी और कहा कि लिख मत देना गलत हो जाएगा। दोबारा सवाल करने पर सीएम ने कहा कि फेरबदल करके बता दूंगी। स्पष्ट कहने से वे बचती रही।
नियुक्तियां जल्द :
उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष व सचिव और राजस्थान लोक सेवा आयोग में जल्द ही अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
समस्याएं आप जानते हैं :
राजे ने शिक्षकों से कहा कि सभी मांगों को पूरा और समस्याओं का निराकरण करना चाहती हूं। लेकिन मेरी समस्याएं हैं जिन्हें आप अच्छी तरह जानते हैं। अब हमने तय कर लिया है कि बदलाव की हवा लानी होगी इसका असर कुछ दिन बाद दिख जाएगा। फिर हम आपके हाथ में ताकत देंगे।
ये तो इन्हें बताओ
मुख्यमंत्री ने उनकी बगल में बैठे शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का साफा ठीक किया, साफे को अच्छी तरह सिर पर फिट किया। इसी दौरान वहां खड़े एक युवक ने कहा कि मैडम इनकी पगड़ी आपके ही हाथ है तो सीएम ने कहा कि ये इन्हें समझाओ, दूसरी बार सीएम ने वापस साफे पर हाथ रखकर कहा कि मैं इन्हें ध्यान दिला रही हूं।
मैंने आडवाणी जी को बता दिया था
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने देवनगर हेलीपेड पर शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी से पूछा कि अब आपका स्वास्थ्य कैसा है, देवनानी ने बताया कि गले में अभी भी तकलीफ है। सीएम ने कहा कि आडवाणी जी ने पूछा था तो मैंने उन्हें आपका स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी दे दी थी।
प्रदेश भाजपा और मंत्रीमंडल के असंतुष्ट गुट की गतिविधियों से मुख्यमंत्री और सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना है कि सत्ता एवं संगठन में मतभेद और असंतुष्ट गुट से सरकार के कामकाज पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। सरकार को अपना काम करना है जो सरकार कर रही है।