पुष्कर.
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने करवा चौथ पर सोमवार को कामकाजी महिलाओं को तोहफे देने की घोषणा की है। अगले साल से कामकाजी महिलाओं को जहां करवा चौथ का अवकाश मिलेगा, वहीं राज्य में तीन हजार विधवा-परित्यक्ता शिक्षिकाओं को भी नियमित किया जाएगा।
पुष्कर में राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रांतीय शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करवा चौथ के दिन कामकाजी महिलाओं को दिनभर दफ्तर में भूखा रहकर काम करना पड़ता है। वह शाम को घर जाकर पूजा करती हैं इसके बाद रात को चांद देखकर भोजन करती हैं। महिलाओं की इस समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राजस्थान में अगले साल से करवा चौथ पर कामकाजी महिलाओं को अवकाश दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 1995 से 1998 के मध्य नियुक्त हरुई तीन हजार विधवा परित्यक्ताओं शिक्षिकाओं को पक्की नौकरी देने की भी घोषणा की है। इनको नियमित करने का मामला अध्यापिकाओं द्वारा बीएड व एसटीसी देरी से करने के कारण अटका हुआ था।
सीएम ने प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता जताते हुए ग्रामीण और शहरी स्कूलों में शिक्षकों का समानीकरण जल्द करने की भी बात कही। इससे शिक्षण व्यवस्था में आ रही खामियां दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा चार साल पहले राजस्थान शिक्षा की दृष्टि से बीमारू और पिछड़ी श्रेणी में था।
राज्य सरकार ने संसाधन जुटाकर शिक्षकों की भर्ती, निशुल्क शिक्षा व्यवस्था और नए स्कूल खोलकर शिक्षा के क्षेत्र में आज राज्य की स्थिति को बदल दिया है। यही वजह है कि आज राजस्थान अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आने को तैयार खड़ा है।
उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को दूर और मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी को शिक्षक संघ पदाधिकारियों से बातचीक कर उचित हल निकालने के निर्देश दिए। सीएम ने देवनानी को चार सौ विद्यालयों में विज्ञान विषय खोलने और विज्ञान के शिक्षकों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।