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बच्चे सीखेंगे रोबोट की प्रोग्रामिंग

अमृतसर. स्कूलों में अब स्टूडेंट्स को थ्योरिकल सब्जैक्ट्स जैसे हिस्ट्री, इंग्लिश, हिंदी, ज्योग्राफी आदि के अलावा प्रैक्टिकल और टेक्निकल सब्जैक्ट्स भी पढ़ाए जा रहे हैं। स्टूडेंट्स की ओवरऑल पर्सनेलिटी डेवलपमेंट, एप्टीट्यूड इन्हेंसमेंट और टेक्निकल स्किल्स डेवलप करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी के मद्देनजर डीएवी पब्लिक स्कूल ने रोबोटिक्स प्रोग्रामिंग कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स 8वीं, 9वीं और 10वीं कक्षा के स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाएगा। हालांकि यह कोर्स सीबीएसई और पीएसईबी से एफिलिएटेड नहीं हैं। इसे स्कूल ने अपने स्तर पर ही शुरू किया है।

टीचर्स के लिए लगाया ट्रेनिंग सेशन स्कूल के कंप्यूटर डिपार्टमेंट के हैड संजय खन्ना ने बताया कि स्टूडेंट्स को रोबोट कंस्ट्रक्शन और प्रोग्रामिंग करवाने से पहले फिजिक्स और कंप्यूटर विभाग के टीचर्स के लिए 9 से 15 अक्तूबर तक ट्रेनिंग सेक्शन लगाया गया। इसमें दिल्ली से आए कंप्यूटर इंजीनियर मनिंदर सिंह ने ट्रेनिंग दी। उन्होंने बताया कि रोबोट बनाने में फिजिक्स और कंप्यूटर कैसे एक साथ काम आते हैं। मनिंदर सिंह ने बताया कि रोबोट की पूरी मेकिंग और कंस्ट्रक्शन फिजिक्स के इस्तेमाल से होती है, जबकि इसकी प्रोग्रामिंग, सेंसिंग और डिटेक्शन कंप्यूटर से होती है।

साइंस में बढ़ेगा टेस्ट कंप्यूटर फैकल्टी गौरव गुप्ता ने बताया कि आजकल के स्टूडेंट्स का दिमाग बहुत तेज है। वे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को समझने में इंट्रस्ट दिखाते हैं। स्कूल में यह कोर्स स्टूडेंट्स के एप्टीट्यूड को बढ़ाने के लिए है। इससे स्टूडेंट्स का टेस्ट साइंस में बढ़ेगा।

घर के छोटे-मोटे काम कर सकते हैं प्रिंसिपल नीरा शर्मा ने बताया कि रोबोटिक्स का कोर्स स्टूडेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। इससे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी में उनका इंट्रस्ट बढ़ेगा। उन्हें पता लगेगा कि टीवी, वीसीडी, कैमरा, स्विच बोर्ड आदि चीजें कैसे चलती हैं। वे खुद भी नई-नई चीजों का आविष्कार कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को पूरी टेक्निकल ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे वे घर के छोटे-छोटे काम खुद कर सकेंगे। वे कोई भी नई टेक्नोलॉजी को देख कर उसकी प्रोग्रामिंग आसानी से समझ सकेंगे। स्टूडेंट्स का रोबोटिक्स में इंट्रस्ट बनाए रखने के लिए स्कूल में जल्द रोबोटिक विंग भी बनाया जाएगा।

इनोवेटिव बनेंगे स्टूडेंट्स संजय खन्ना ने बताया कि जिस तरह विज्ञान तरक्की कर रहा है उसे ध्यान में रख कर स्टूडेंट्स का रोबोटेक्स में इंट्रस्ट डेवलप करना जरूरी है। स्कूल मैनेजमेंट ने स्टूडेंट्स के लिए दो लाख की रोबोटिक किट भी ली है। स्टूडेंट्स समझने लगेंगे कि साइंटिस्ट कैसे काम करते हैं। स्टूडेंट्स क्रिएटिव और इनोवेटिव बनेंगे। स्टूडेंट्स और साइंटिस्ट इंट्रेक्शन का भी अरेंजमेंट किया जाएगा।





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