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गुमनाम है कोई

मैसाचुसेट्स. हर शहर में एक भुतहा इमारत, कब्रिस्तान, जगह या पार्क होता ही है। कहा भी जाता है कि अगर तुम जरा ध्यान से सुनोगे तो अंधेरी रात में तुम्हें चीखें सुनाई पड़ेंगी। और अमेरिका के तकरीबन हर शहर के लिए एक या ज्यादा टुअर कंपनियां घोस्ट टूरिज्म आयोजित करने लगी हैं।

Ghost Tours are organised frequently in USरहस्यमयी और अतिमानवीय चीजों में यह लोगों का यकीन और रुचि ही है जिसने पिछले दशक में इसे टूरिज्म की ही शक्ल दे दी है। भुतहा मैंशन्स, जगहों को टूरिस्ट डैस्टिनेशन में तब्दील कर देने वाली इन कंपनियों के नारे भी अजीबोगरीब हैं- हॉन्टेड हॉलीवुड को देखें और मिलें सितारों के भूतों से या बोस्टन के बदनाम हॉन्टेड इलाकों की सैर करें, आदि-आदि।

खास बात यह है कि कुछ जगहों की दास्तान दूसरों के मुकाबले ज्यादा ऐतिहासिक भी है। उदाहरण के लिए सलेम, मैसाचुसेट्स अपने 1690 के विच ट्रायल्स यानी भूतनियों के मुकदमों के लिए मशहूर रहा है जबकि गॉथ, वैम्पायर्स और एनी राइस के चाहने वाले न्यू ऑर्लियन्स, लुइजियाना की ओर रुख करते हैं, जिसकी रहस्यवाद और वूडू की वजह से काफी शोहरत है।

भूतों का शिकार
कई टुअर ऑपरेटर अपने पैकेजेज में सर्टिफाइड घोस्ट हंटर्स या सर्टिफाइड पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स को अपना गाइड बताते हैं। हालांकि कोई भी खुद को घोस्ट हंटर कह सकता है। कोई ऐसी संस्था नहीं है जो इस सिलसिले में किसी को प्रमाणपत्र जारी करती हो।

घोस्ट टुअर्स काफी मुनाफे का सौदा है। यह एक ऐसा बिजनेस है, जिसमें बेहद कम चीजों के साथ ही शुरुआत की जा सकती है। कोई भी घोस्ट टुअर का आयोजन कर सकता है और इसके लिए टिकट 10 डॉलर से 30 डॉलर प्रति व्यक्ति तक चार्ज किए जाते हैं। एक बड़े ग्रुप के लिए एक अच्छा कहानीकार एक ही शाम में 500 डॉलर तक कमा लेता है। इसकी वजह है कि हर किसी को एक भूत की कहानी में रस आता है। इनमें सबसे सफल वे होते हैं, जो उस इलाके के इतिहास में भूत का छौंक लगाकर अपनी कहानी सुनाते हैं।

इन घोस्ट टुअर्स का आयोजन ज्यादातर स्वयंभू घोस्ट हंटर ही करते हैं। इन टुअर्स के दौरान लोगों को घोस्ट हंटिंग के तरीकों के बारे में भी बताया जाता है। यहां तक कि अमेरिका में कई टुअर ऑपरेटर घोस्ट हंटिंग 101 जैसे कोर्स भी करा रहे हैं।

वास्तविकता
दुर्भाग्य से, प्रेतात्माओं के बारे में जो कुछ भी ये घोस्ट ऑपरेटर्स लोगों को बताते हैं, उनमें से कुछ भी आज तक सत्यापित नहीं किया जा सका है, फिर चाहे वे आत्माओं की आवाजों को ऑडियोटेप पर पकड़ने की बात हो या फिर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड के जरिए भूतों को पहचानने का मामला। कई घोस्ट टुअर गाइड लोगों को ढेर सारे फोटो लेने के लिए भी कहते हैं और फिर बताते हैं कि इनमें जो सफेद रंग के स्पॉट्स हैं वे भूतों के होने का प्रमाण हैं। हालांकि अगर ढेर सारे लोग ढेर सारे फोटो लेते हैं तो उनमें से कुछ में ऐसा हो ही जाता है। तो कहा जाता है कि भूत का फोटो खींच लिया गया है। हालांकि टुअर गाइड कभी ये नहीं बताते कि इनमें से जिन्हें भूतों के ऑब्र्स बताया जा रहा है वे कीड़े, धूल या नमी के कण भी हो सकते हैं।





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