भोपाल. केंद्रीय कर्मचारियों की मंगलवार को हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल से केंद्रीय कार्यालयों में सेवाएं चरमरा र्गई। सबसे ज्यादा असर डाक और आयकर विभाग की सेवाओं पर पड़ा। केंद्र सरकार के अन्य 75 विभागों में भी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई। राजधानी समेत प्रदेशभर के डाकघरों और आयकर विभाग के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ स्थित कार्यालयों में केवल अधिकारी ही उपस्थित थे। विभाग के 32 कार्यालयों के तो ताले तक नहीं खुले। हड़ताल से जहां देशभर में डेढ़ लाख डाकघरों में 100 करोड़ रुपए का लेनदेन नहीं हुआ, वहीं आयकर विभाग में 30 लाख इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं हो सके।
कहां कितने कर्मचारी रहे हड़ताल पर: देशभर में केंद्र और राज्यों के मिलाकर लगभग एक करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर रहे। देशभर में डाक विभाग के चार लाख 90 हजार और राज्य में 25 हजार कर्मचारी हड़ताल पर रहे। आयकर विभाग के 42 हजार और राज्य में दो हजार कर्मचारियों ने काम बंद रखा। इसके साथ ही 75 विभागों में कार्यरत 16 लाख कर्मचारियों ने काम पूरी तरह से बंद रखा। इस हड़ताल में राज्यों के 72 लाख कर्मचारी भी शामिल हुए।
पांचवें वेतन आयोग को लेकर 1996 के बाद मंगलवार को हुई हड़ताल को कर्मचारियों की सबसे बड़ी हड़ताल बताया जा रहा है। केंद्रीय कर्मचारी परिसंघ के महासचिव केकेएन कुट्टी और नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्पलाइज के महासचिव गिरिराज सिंह ने केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल को 90 फीसदी सफल होने का दावा किया है।