बारां. पुलिस जीप से कूदकर घायल हुए अरड़ाना के हेमराज मीणा की मौत के मामले में चरड़ाना सरपंच कृष्ण मुरारी दिलावर सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। कृष्ण मुरारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मदन दिलावर के भाई हैं। जिनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ है, उनमें दो पुलिसकर्मी भी हैं। सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने जांच छबड़ा डीएसपी रामजीवन गुप्ता को सौंप रखी है। अटरू थाने के एसआई चौथमल, कांस्टेबल हेमराज और जुगलकिशोर को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले गुस्साए लोगों ने हेमराज का शव ले जाते समय कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया।
बारां विधायक प्रमोद जैन भाया, पूर्व विधायक व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवनारायण नागर, पूर्व जिला प्रमुख भरत मारन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता यहां करीब दो घंटे तक शव लेकर बैठे रहे। बाद में कलेक्टर डॉ. प्रीतम बी. यशवंत व एसपी रणजीत सिंह के थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने, नियमानुसार मुआवजा और पत्नी को नौकरी दिलाने का आश्वासन देने पर शव ले जाने दिया गया। देर शाम अटरू थाने में कृष्ण मुरारी दिलावर, अटरू थाने के सब इंस्पेक्टर चौथमल, कांस्टेबल जुगल किशोर एवं दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया।
दिलावर पर आरोप: मृतक के परिजनों और विधायक प्रमोद जैन भाया ने घटना में कृष्णमुरारी दिलावर तथा गौरीशंकर का हाथ होने का आरोप लगाया। मृतक के छोटे भाई राधेश्याम के अनुसार इन्हीं के इशारे पर हेमराज को प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
कार्रवाई होगी : एसपी
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस जीप से कूदा था हेमराज
रविवार को अटरू के एसआई चौथमल हरनावदा शाहजी में खूनी संघर्ष के आरोपियों को पकड़ने गए थे। उन्होंने अरड़ाना के हेमराज मीणा को पकड़ा। अटरू लाते समय बड़क्या की पुलिया के पास वह जीप से कूद गया था, जिससे उसके सिर में चोट आई। उसे कोटा लाकर भर्ती कराया गया। मंगलवार तड़के अस्पताल में दम तोड़ दिया।
* मैं निदरेष हूं। इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। जांच के बाद ही मामले का खुलासा होगा।
-कृष्ण मुरारी दिलावर, चरडाना सरपंच
निष्पक्ष जांच हो
घटना का मुझे बेहद दु:ख है। मृतक मेरा पड़ोसी ही नहीं, बल्कि पारिवारिक सदस्य की तरह था। चूंकि मैं सरकार में मंत्री हूं और इस मामले में न्यायिक जांच बैठ चुकी है इसलिए कुछ भी बोलना उचित नहीं है, परन्तु प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
-मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री