अजमेर. सीबीएसई से संबद्ध स्कूल अब दसवीं और बारहवीं कक्षा में विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश नहीं दे सकेंगे। बोर्ड ने प्रवेश नियमों में संशोधन किया है। नए दाखिले सिर्फ उन्हीं विद्यार्थियों के होंगे, जिनके अभिभावकों के ट्रांसफर हुए हैं। बोर्ड से संबद्ध स्कूल नवीं और ग्यारहवीं कक्षा से अपग्रेड होने वाले विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं में प्रवेश दे सकेंगे।
सत्र के दौरान ट्रांसफर होकर आए अभिभावकों के बच्चों के ही नए प्रवेश होंगे, लेकिन स्कूलों इसकी एक महीने के भीतर बोर्ड मुख्यालय से इजाजत लेनी होगी। बोर्ड उनकी कुल सीटों का रिकॉर्ड रखेगा, जिसमें फेरबदल पर कारवाई होगी।
क्यों हुआ बदलाव: 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी आईआईटी, मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के मकसद से कोचिंग करते हैं। कोचिंग संचालकों की पहुंच के चलते उन्हें सेंट्रल स्कूलों में दाखिले लेने में भी दिक्कतें नहीं आती। इस कारण कई स्कूलों की 10वीं और 12वीं कक्षा में क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया जाता है। बोर्ड ने ऐसे स्कूलों को ब्लैकलिस्टेड भी किया है।
* ‘‘मुख्यालय ने नियमों में संशोधन किया है। स्कूल दसवीं और बारहवीं क्लास में विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश नहीं दे सकेंगे। ’’
पीआई साबू, संयुक्त सचिव- सीबीएसई अजमेर जोन
इनमें भी बदलाव:
बोर्ड के रिकॉर्ड में किसी विद्यार्थी का नाम, सरनेम एक बार दर्ज हो जाने केपश्चात उसे बदला नहीं जाएगा। विद्यार्थियों अथवा उनके पेरेंट्स या गार्जियन्स के नाम या सरनेम में स्पेलिंग या टाइपोग्राफिकल गलतियां ठीक करवाई जा सकेंगी, लेकिन वह भी पास होने के दस साल तक। इसके लिए भी स्कूल में दर्ज सूचना और वहां से भेजे गए रिकॉर्ड की जांच होगी।