पानीपत/हिसार . राज्य में कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिला-जुला असर दिखाई दिया। पानीपत, रोहतक, झज्जर, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, सोनीपत, करनाल के संवाददाताओं के अनुसार रोडवेज और बिजली निगम के 95 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सर्वाधिक परेशानी रोडवेज के चक्का जाम से यात्रियों को उठानी पड़ी। बसें न चलने का फायदा प्राइवेट वाहन चालकों ने उठाया। उन्होंने यात्रियों से मनमाने किराए वसूले।
लंबे रूट के यात्री बेबस भटकते दिखाई दिए। बिजली निगम के कर्मचारियों के कारण बिजली सप्लाई में दिक्कत तो हुई किन्तु अधिक नहीं। पर्यटन, मंडी बोर्ड, वन विभाग, हुडा, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग में हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। रेलवे में आरएमएस के कर्मचारी शत-प्रतिशत हड़ताल पर रहे। प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहने से लोगों को परेशानी हुई । हिसार में शाम चार बजे तक रोडवेज की बसें बस स्टैंड से नही निकली। यही हाल विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी विभागों का रहा। लघु सचिवालय में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक विभाग को छोड़कर बाकी सभी विभागों में 70 से 90 प्रतिशत तक कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई। रेवाड़ी में रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया। नारनौल में भी कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। भिवानी में करीब 70 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। फतेहाबाद और जींद जिले में भी हड़ताल का असर दिखा। यहां भी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया औेर प्रदर्शन किया।