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‘सिक्स पैक’ बनाम ‘डायरेक्टर ऑफ ब्लैक’


मुंबई. ‘पुरानी बोतल में नई शराब’ यानी ओम शांति ओम। एक प्रेमकथा है लेकिन पुनर्जन्म के ताने-बाने में बुनी गई। पहले इस फिल्म की भूमिका के बारे में बातचीत करें। पुनर्जन्म की अवधारणा का रुपहले परदे पर सूत्रपात करने का श्रेय है ऋत्विक घटक को जिन्होंने मधुमति लिखी। उसके बाद यह कॉंसेप्ट यदा-कदा सिल्वर स्क्रीन पर दिखा लेकिन उसके बाद सबसे बड़ी हिट ृ1980 में आई कर्ज जो हॉलीवुड की द रीइनकार्नेशन ऑफ पीटर प्राउड से प्रेरित थी।

फरहा खान की फिल्म ओम शांति ओम का शीर्षक सुभाष घई की फिल्म कर्ज के सुपरहिट गीत से लिया गया है। इस साल ऐन दीवाली के दिन रिलीज हो रही इस फिल्म के दो प्लस प्वाइंट हैं जिनकी दम पर पूरा प्रचार किया जा रहा है। एक तो शाहरुख खान, वह भी सिक्स पैक एब्स के साथ और दूसरी इस फिल्म से अपना फिल्मी कैरियर शुरू कर रहीं दीपिका पादुकोण। इन दोनों कलाकारों ने इस पुराने फिल्मी कॉंसेप्ट में नयापन लाने का काम किया है, साथ ही इसे इस दौर के खाके में फिक्स किया है निर्देशक ने।

‘शाहरुख सिक्स पैक खान’ ने ओशाओ के लिए काफी पब्लिसिटी जुगाड़ ली है और उधर दीपिका क्रिकेटरों के साथ नाम जुड़ने से हॉट बॉलीवुड गर्ल बन चुकी हैं। और फिर, फिल्म के जिस गीत को प्रोमो के साथ पहले रिलीज किया गया है उसमें कई बॉलीवुड स्टार डांस करते दिख रहे हैं। कुल मिलाकर सारे मसालों का तड़का इस दाल में डाला गया है लेकिन यह कितनी स्वादिष्ट बनी है, यह तो 9 नवंबर को ही पता चलेगा।

ओशाओ को कड़ी टक्कर देने के लिए 9 नवंबर को ही परदे पर उतरने वाली है सांवरिया। ‘नई बोतल में पुरानी शराब’ यानी है तो प्रेमकथा लेकिन नए अंदाज में। कहा जा रहा है कि इस फिल्म की कहानी मानसिक रोग की दशा में कल्पनाशीलता पर आधारित है। साथ ही, इस फिल्म से दो बॉलीवुड घरानों के चिराग रौशन होने जा रहे हैं।

कपूर खानदान की चौथी पीढ़ी के सपूत और ऋषि कपूर के बेटे रणबीर कपूर सांवरिया के नायक हैं और अनिल कपूर की पुत्री सोनम नायिका। दोनों को ही युवा वर्ग से अब तक के प्रचार से काफी स्नेह मिल चुका है और दोनों ही खबरों में बने हुए हैं। लेकिन इस फिल्म के पीछे सबसे बड़ा नाम है तो इसके निर्देशक संजय लीला भंसाली का।

हालांकि भंसाली ने अब तक केवल चार फिल्में निर्देशित की हैं लेकिन इसके लिए उन्होंने दस से ज्यादा साल इंडस्ट्री में गुजारे हैं और अपने नाम को एक ब्रांड के तौर पर प्रोजेक्ट कर दिया है। बॉक्स ऑफिस के साथ ही तमाम सिनेप्रेमियों और अलोचकों से तारीफ पाने वाली ब्लैक का यह निर्देशक लगभग तीन साल बाद फिर एक फिल्म लेकर आ रहा है और इसलिए भी लोगों को सांवरिया का इंतजार है।

इस दीवाली पर इन दोनों बड़े नामों वाली बड़ी फिल्मों की टक्कर देखने लायक होगी। रोचक बात यह है कि बॉलीवुड हर दीवाली पर कमोबेश इस तरह का माहौल पैदा करता है लेकिन इस साल कनफ्यूजन और मुकाबला कांटे का है। स्टारकास्ट और प्रेमकथाओं के कारण मुमकिन है कि दर्शक बंट जाएं। ऊंट किस करवट बैठता है, देखते हैं।

गंगोत्री भी है मैदान में :
इस साल दीवाली पर रिलीज होने वाली एक और फिल्म है गंगोत्री। हालांकि इस फिल्म की चर्चा कम हुई है और औपचारिक घोषणा भी नहीं हुई है कि यह रिलीज कब होगी। लेकिन अमिताभ स्टारर यह फिल्म अगर रिलीज होती है तो यह भी दीवाली पैकेज का एक हिस्सा होगी। भोजपुरी फिल्म गंगोत्री के निर्देशक हैं दीपक सावंत जो पहले अमिताभ को लेकर गंगा बना चुके हैं और गंगा पिछली साल डॉन के साथ ही दीवाली पर रिलीज की गई थी।

दीवाली की सिल्वर स्क्रीन :
पिछले साल शाहरुख स्टारर डॉन इसी समय परदे पर उतरी। हालांकि फरहान अख्तर का यह रीमेक इतना बड़ा जलवा नहीं दिखा सका। दूसरी तरफ डॉन को टक्कर देने के लिए मौजूद थी जानेमन लेकिन शायद पिछली दीवाली पर बॉलीवुड लक खराब रहा और दोनों ही फिल्मों ने दर्शकों को मायूस किया।

इससे पहले 2005 में दीवाली पर जिस फिल्म का बेसब्री से इंतजार हो रहा था वो पिट गई। सलमान स्टारर क्योंकि तो नहीं चली लेकिन अक्षय और जॉन की जोड़ी वाली गरम मसाला परदे पर छा गई। उससे पहले 2004 में भी दीवाली के मौके पर यशराज ने अपनी फिल्म वीर जारा पेश की और यह हिट रही। वहीं दर्शक वर्ग अलग होने का फायदा अब्बास मस्तान की ऐतराज को भी मिल गया। इसी साल दीवाली पर ऑल टाइम क्लासिक मुगल-ए-आजम का कलर वर्जन भी रिलीज हुआ।

दीवाली और शाहरुख :
इसे इत्तफाक तो नहीं कहा जा सकता कि शाहरुख और दीवाली का गहरा नाता है। तकरीबन हर साल दीवाली के सीजन में शाहरुख अपनी एक फिल्म की रिलीज रखते हैं यह आंकड़ों से साफ है। शाहरुख के लिए ऐसा करने जायज भी है क्योंकि उनके लिए यह एक ‘लक फैक्टर’ भी हो सकता है। शाहरुख और दीवाली का नाता शुरू हुआ राजू बन गया जेंटलमेन से। उसके बाद बाजीगर भी इसी मौसम में रिलीज हुई जो बिग हिट साबित हुई। फिर तो दीवाली पर शाहरुख की फिल्म आना तय हो गया। ऑल टाइम मैगाहिट दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, दिल तो पागल है, कुछ-कुछ होता है, मोहब्बतें और कल हो न हो उन फिल्मों में से हैं जो दीवाली के समय पर रिलीज की गईं। फिर वीर जारा और डॉन के बाद इस साल ओशाओ इसी कड़ी में है।

दीवाली पर रहती है नजर :
शाहरुख के अलावा जो बॉलीवुड आइकॉन दीवाली पर नजरें गाड़े रहते हैं, उनमें सबसे पहले यशराज बैनर का नाम है। कई बार यशराज की फिल्म दीवाली पर रिलीज होती है और पिछले कुछ समय में अधिकांश तो शाहरुख के साथ ही प्रोजेक्ट होती रही हैं। दूसरा नाम है करण जौहर। इसी क्रम में एक तीसरा नाम उभरता दिख रहा है अक्षय कुमार। 2004 में ऐतराज, 2005 में गरम मसाला, 2006 में जानेमन के बाद इस साल अक्षय की भूल भुलैया भी दीवाली से एक माह पहले ही रिलीज हुई है।





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