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इस बार दीवाली पर लोगों के चेहरे पर चमक ज्यादा

एक दशक पहले यह कोई नहीं सोच सकता था कि भारतीयों की दीवाली इस कदर भी जगमगाएगी लेकिन बीते सालों में पूरा सीन ही बदल गया है। बीते एक साल में आर्थिक मोर्चे पर जो सफलताएं भारत ने हासिल की हैं, उतनी तो बीते दो दशकों में भी नसीब नहीं हुई थीं।

बीते साल की दीवाली के मुकाबले इस दीवाली पर लोगों के चेहरे पर ज्यादा खुशी है। व्यापारी वर्ग खास तौर पर खुश है। पूरा कॉपरेरेट सेक्टर शेयर बाजार की बुलंदी से खुश है तो अन्य व्यापार भी अच्छे चल रहे हैं। बीते एक साल में महंगाई की दर 6-7 फीसदी का आंकड़ा छूने के बाद सितंबर-अक्टूबर में 3 फीसदी पर आ टिकी और देश की विकास दर भी लगातार 9 फीसदी के ऊपर ही चल रही है। शेयर बाजार ने बीते एक साल में 10 हजार अंकों का बढ़ोतरी के साथ 20 हजार तक का सफर तय किया है।

भारत की तेजी से बदलती तस्वीर का अंदाजा इसी से हो जाता है कि इस समय दुनिया के पांच सबसे अमीर लोगों में दो भारतीय हैं। मुकेश अंबानी और लक्षमी निवास मित्तल ने अरबपति-खरबपति बनने के बाद भी भारतीय मूल्यों को नहीं छोड़ा है। बल्कि उनकी सादगी से और भी कई उद्योगपति प्रेरित हुए हैं और उन्होंने सफलताओं का इतिहास रचने का रास्ता पकड़ लिया है। हो सकता है कि अगली दीवाली तक टॉप पांच अमीरों में एक-आध भारतीय और जुड़ जाए। अनिल अंबानी और सुनील भारती मित्तल दुनिया के पांच सबसे अमीर लोगों में शामिल होने के लिए तेजी से तरक्की कर रहे हैं।

बीते साल में टाटा ने कोरस और मित्तल ने ऑर्सेलर को अपने झंडे तले किया। वहीं कुमार मंगलम बिरला ने दुनिया के विभिन्न देशों में छोटी-बड़ी कई कंपनियों का अधिग्रहण किया। आईटी कंपनियों ने भी कई अन्य कंपनियों को खरीदा। बीते एक साल में 100 से अधिक विदेशी बड़ी कंपनियों को भारती कॉपरेरेट वल्र्ड ने अपने झंडे के नीचे किया। वहीं छोटी कंपनियों की गिनती इससे भी अधिक है।

भारत की एक बड़ी कंपनी हच ब्रिटिश कंपनी वोडाफोन ने खरीदी लेकिन उसने भी करीब एक लाख करोड़ रुपए अदा किए। इस खरीद को अंजाम देने वाला भी एक भारतीय अरुण सरीन ही था। इस समय भारत भी यूके में निवेश करने वाले देशों में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। अमेरिका के प्रमुख आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी कंपनियों ने विदेशों में शैल्फ्स पर अपने उत्पाद सजाए लेकिन भारतीय कंपनियों ने विदेशों में शेल्फ ही खरीद डाले हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है।

जिस हिसाब से भारत विकास कर रहा है, उसे देखते हुए 2020 में भारत एक विकसित देश बन जाए तो किसी को हैरान नहीं होना चाहिए। आप कल्पना कर सकते हैं कि तब की दीवाली कैसी जगमग होगी। उस जगमग में बाहर से कोई देखेगा तो उसे पुराना भारत कहीं नजर नहीं आएगा और उसे भारत का पूरी तरह से बदला हुआ चेहरा ही दिखाई देगा।





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