भोपाल. प्रदेश के दो महत्वपूर्ण मामलों की शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। पहला प्रकरण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह के खिलाफ है तो, दूसरा विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के विरुद्ध है।
इन दोनों ही बहुचर्चित मामलों पर प्रदेशवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल वादी तथा प्रतिवादी पक्ष की ओर से इन दोनों ही मामलों में पैरवी करने के लिए दिग्गज वकील सक्रिय हो गए हैं। सुनवाई के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गुरुवार की शाम दिल्ली पहुंचकर विधि विशेषज्ञों से परामर्श किया।
क्या हैं मामले
पहला मामला मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा डंपर खरीदकर उसे रीवा स्थित जेपी सीमेंट में लगाने का है। पहले भी इस संबंध में शिकायत कर चुकीं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत याचिका में कहा है कि सीएम ने जेपी सीमेंट रीवा के साथ अपने व्यावसायिक संबंध के चलते उसे कई खदानें आवंटित की हैं। यह मामला लोकायुक्त संगठन में जाने के बाद लोकायुक्त को ही तरह-तरह से हताश किया जा रहा है।
दूसरा मामला लोकायुक्त रिपुसूदन दयाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ दायर याचिका का है। इसमें उन्होंने कहा है कि विधानसभा परिसर में हुए निर्माण कार्र्यो में अनियमितता होने पर जब उन्होंने विधानसभा सचिव भगवानदेव इसरानी और इंजीनियरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया तो विधानसभा अध्यक्ष ने लोकायुक्त समेत उनके विधि अधिकारी और पुलिस अधिकारी तक को अवमानना के नोटिस दे दिए हैं।
ऐसे में वे कैसे अपना काम कर सकते हैं? श्री दयाल ने इस याचिका की पुष्टि की है। लोकायुक्त के वकील मुख्यमंत्री से जुड़े प्रकरण के साथ ही इस मामले को भी सुनने का अदालत से आग्रह करेंगे।